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तन-मन स्‍वस्‍थ रखने को करें योगासन, जानें योग एक्‍सपर्ट सविता यादव से इसका सही तरीका

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आज फेसबुक के लाइव सेशन में हमने सूर्य नमस्कार को करने का स्टेप बाई स्टेप तरीका सीखा. करीब 56 मिनट के इस लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में सर्वांग पुष्टि, सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) से लेकर कई छोटे-छोटे अभ्यासों के बारे में बताया और सिखाया गया. इन अभ्यासों को करने से न केवल पेट, कमर का फैट कम होता है, बल्कि मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है और उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. साथ ही इन व्यायाम को करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और मोटापा घटता है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. शुरुआत में इन अभ्‍यासों को पांच बार करें और बाद में अपने शरीर की क्षमता के अनुसार इसे बढ़ा सकते हैं. तो आइए स्‍वस्‍थ रहने की ओर एक कदम और बढ़ाते हुए योग करें.

सर्वांग पुष्टि आसन
सर्वांग पुष्टि आसन के लिए मैट पर दोनों पैर फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं. मुट्ठी इस तरह बंद करें कि अंगूठा दिखाई ना दे. अब दोनों हाथों को नीचे झुकाकर बाएं टखने के पास बायां हाथ नीचे और दायां हाथ कलाई के ऊपर रखें. सांस भरते हुए धीरे-धीरे दोनों हाथों से ऊपर की ओर बाएं कन्धे के बाजू से सिर तक ले जाएं और दाएं टखने की तरफ सांस छोड़े. दाहिना हाथ नीचे और बायां हाथ ऊपर रखें. दोबारा सांस लेकर दोनों हाथों के नीचे से ऊपर दाएं कन्धे तक लाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं. अब बाईं ओर मुड़ते हुए दोनों हाथों को बाएं कन्धे से नीचे की ओर बाएं टखने तक लाएं. सांस छोड़े, हाथ को बदल-बदलकर बायां नीचे और दाहिना ऊपर रखें. इसे दो बार दोहराएं. हर अंग की चर्बी घटाने के लिए करें ‘सर्वांग पुष्टि आसन’ बेहतरीन है. लेकिन जो लोग लोअर बैक पेन की समस्या से परेशान हैं वे इस आसन को ना करें.

सर्वांग पुष्टि आसन के फायदे

-फैट को कम करता है
-कमर को लचीला बनाता है
-मांसपेशियों को मजबूत बनाता है
-मोटापा कम करता है

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskār ) : सूर्य नमस्कार को सभी योगासनों में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.

प्रणाम आसन: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.
हस्ततुन्नासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.
हस्तपाद आसन: इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.
अश्व संचालन आसन: इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.
पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.
अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.
भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

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सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

ये लोग सूर्य नमस्कार न करें
गर्भवती महिलाएं सूर्य नमस्कार ना करें
उच्च रक्ताचाप के मरीजों को सूर्य नमस्कार ना करें.
अगर आपको पीठ का दर्द रहता है तो सूर्य नमस्कार करने से पहले स्पेशलिस्ट की सलाह लें.
महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार ना करें.

नौकासन: इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. अब अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ लें और अपने दोनों हाथों को भी शरीर के साथ लगा लें. इसके बाद एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को पैरों कि ओर खींचते हुए अपने पैरों के साथ अपनी छाती को उठाएं. अब एक लंबी और गहरी सांसे लेते हुए आसन को बनाए रखें और फिर सांस छोड़ते हुए विश्राम करें.

नौकासन के फायदे
इस आसन को करने से आपका पाचन तंत्र मजबूत होता है. साथ ही यह पाचन संबंधित रोग जैसे कब्ज, एसिडिटी, गैस आदि से छुटकारा दिलाने में मदद करता है.

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शशकासन
शशकासन को करते वक्त व्यक्ति की खरगोश जैसी आकृति बन जाती है इसीलिए इसे शशकासन कहते हैं. इसे करने के लिए सबसे पहले बैठ जाएं. अब अपने दोनों हाथों को श्वास भरते हुए ऊपर उठा लें. इसके बाद सामने की ओर झुकते हुए दोनों हाथों को आगे समानांतर फैलाते हुए हथेलियां को जमीन पर टिका दें. इसके बाद अपना माथा भी जमीन पर टिका दें.

शशकासन के फायदे
यह आसन पेट, कमर और हिप के फैट को कम करके आंत, यकृत और गुर्दों को मजबूती देता है. इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव, क्रोध, चिड़चिड़ापन आदि भी दूर होते हैं. इस आसन को करने से मन भी शांत रहता है. अगर पेट या सिर संबंधी कोई समस्या हो तो इस आसन को न करें.

शवासन
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.





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IPL KKR VS SRH: धमाकेदार पारी के बाद बोले शुभमन गिल- पिछले कुछ साल से ‘पावर हिटिंग’ की प्रैक्टिस कर रहा था

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शुभमन गिल (फोटो-@RealShubmanGill)

IPL KKR VS SRH: केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक ने भी गिल की तारीफ करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि यह युवा बल्लेबाज इसी तरह दबाव के बिना खेले.

अबूधाबी.  सनराइजर्स हैदराबाद (Sunriser) के खिलाफ 62 गेंद में नाबाद 70 रन बनाने वाले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के युवा बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubman Gill) ने कहा कि पिछले कुछ साल में उन्होंने ‘पावर हिटिंग’ का काफी अभ्यास किया है और सलामी बल्लेबाज होने के नाते उनका काम टीम को जीत तक ले जाना था. केकेआर ने दो ओवर बाकी रहते सनराइजर्स को सात विकेट से हराकर इस सत्र में पहली जीत दर्ज की.

बैटिंग करना आसान नहीं था
मैन आफ द मैच गिल ने मैच के बाद कहा ,‘ गेंद ज्यादा स्पिन नहीं ले रही थी और बल्लेबाजी आसान थी. मैने पिछले कुछ साल में पावर हिटिंग का काफी अभ्यास किया है .हमारी टीम के लिये यह जीत बहुत जरूरी थी. हमने अच्छी गेंदबाजी की और उसके बाद बल्लेबाजों की बारी थी .’ ऑयन मॉर्गन के साथ 92 रन की नाबाद साझेदारी के बारे में उन्होंने कहा ,‘मोर्गन बहुत अच्छा खेल रहे थे . हमने लंबी बातचीत नहीं की . सलामी बल्लेबाज होने के नाते मेरा काम टीम को जीत तक ले जाना था .’

क्या कहा मॉर्गन ने?वहीं मॉर्गन ने कहा ,‘पहली जीत से लय और आत्मविश्वास लौटा . मुझे गिल को कुछ बताना नहीं पड़ा . उसकी बल्लेबाजी देखने में मजा आया और अपनी कामयाबी के बावजूद वह सीखने को बेताब रहता है . वह शानदार खिलाड़ी है .’

कार्तिक  ने की गिल की तारीफ
केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक ने भी गिल की तारीफ करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि यह युवा बल्लेबाज इसी तरह दबाव के बिना खेले. उन्होंने कहा ,‘ मैं चाहता हूं कि गिल पर कोई दबाव नहीं रहे .मैकुलम (कोच ब्रेंडन मैकुलम) इसे लेकर स्पष्ट हैं कि सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज शीर्षक्रम पर बल्लेबाजी करेंगे. मुझे कुछ रन बनाने होंगे . मुझे लगता है कि हमारी टीम को कई हरफनमौला होने का फायदा मिला है. ’





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50 years of YRF: पिता यश चोपड़ा को याद कर इमोशनल हुए आदित्य चोपड़ा

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नई दिल्ली: यशराज फिल्म्स के मुखिया आदित्य चोपड़ा ने एक पत्र साझा किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि प्रोडक्शन हाउस ने अस्तित्व के 50 साल पूरे किए हैं. साथ ही यह पत्र दिवंगत निर्माता निर्देशक यश चोपड़ा के जन्मदिन पर भी बहुत कुछ कहता दिख रहा है. अपने पत्र में, आदित्य चोपड़ा ने याद किया कि कैसे उनके पिता बीआर फिल्म्स के एक वेतनभोगी कर्मचारी थे और उन्होंने जब कंपनी शुरू की तो उनके पास कुछ भी नहीं था, लेकिन उन्होंने एक विरासत बनाई. उन्होंने यशराज फिल्म्स के 25 साल पूरे होने पर ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ बनाने को भी याद किया.

इस लंबे नोट में आदित्य ने घोषणा की कि उनकी विशेष योजनाएं क्या हैं क्योंकि कंपनी 50 साल पूरे कर रही है. उन्होंने वाईआरएफ से जुड़े हर व्यक्ति को धन्यवाद दिया, और कहा कि वह हर जन्म में बॉलीवुड का हिस्सा बनना पसंद करेंगे. आपको बता दें कि YRF के सीईओ आदित्य चोपड़ ने एक्ट्रेस रानी मुखर्जी से शादी की है, इस जोड़े की एक बेटी आदिरा भी है. 

देखिए आदित्य ने लंबे नोट में क्या लिखा
1970 में, मेरे पिता यश चोपड़ा ने अपने भाई श्री बीआर चोपड़ा के साथ, सेफजोन और आराम को छोड़कर अपनी खुद की कंपनी बनाई. तब तक, वह बीआर फिल्म्स का एक वेतनभोगी कर्मचारी थे और उसका अपना कुछ भी नहीं था. वह नहीं जानते थे कि व्यवसाय कैसे चलाना है और कंपनी बनाने में क्या जाता है इसका मूल ज्ञान भी नहीं था. वह अपनी प्रतिभा और आत्मनिर्भर होने के सपने के प्रति दृढ़ विश्वास रखते थे. एक रचनात्मक व्यक्ति के खुद को और अपनी कला के अलावा कुछ भी नहीं करने का दृढ़ विश्वास यश राज फिल्म्स को जन्म देता है. राजकमल स्टूडियो वाले वी शांताराम ने विनम्रतापूर्वक उन्हें अपने कार्यालय के लिए स्टूडियो में एक छोटा कमरा दिया. मेरे पिता को तब पता नहीं था, कि जिस छोटी सी कंपनी की शुरुआत उन्होंने एक छोटे से कमरे में की थी, वह एक दिन भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे बड़ी फिल्म कंपनी बन जाएगी.

1995 में, यशराज फिल्म्स (YRF) ने अपने 25 वें वर्ष में प्रवेश किया, मेरी निर्देशन में पहली फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ रिलीज हुई. उस फिल्म की ऐतिहासिक सफलता ने मुझे कुछ पागल कर देने वाले जोखिम भरे विचारों को पंख देने का विश्वास दिलाया, जो मुझे वाईआरएफ के भविष्य के लिए थे. मेरे पिता को मेरे प्रति जो असीम प्यार था, उसके अलावा, उन्हें अब मेरी फिल्म की चमत्कारिक सफलता के कारण मेरे विचारों पर बहुत विश्वास था. मैंने भारत में आने वाले और अपने व्यवसाय को संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट स्टूडियो के आगमन की भविष्यवाणी की थी. मैं चाहता था कि हम एक निश्चित पैमाने को हासिल करें, ताकि हम आने से पहले अपनी स्वतंत्रता को बनाए रख सकें. मेरे पिता ने अपनी रूढ़िवादी मानसिकता का खंडन किया और बहादुरी से मेरी सारी साहसिक पहल की. और 10 त्वरित वर्षों की अवधि में, हम एक फिल्म प्रोडक्शन हाउस से भारत के पहले पूरी तरह से एकीकृत स्वतंत्र फिल्म स्टूडियो में गए.

5 दशक के पार, YRF, अपने मूल में, गहरी जड़ें वाले पुराने विश्व मूल्यों और व्यापार के लिए रूढ़िवादी दृष्टिकोण के साथ एक पारंपरिक कंपनी रही है. लेकिन एक ही समय में यह एक बोल्ड फॉरवर्ड लुकिंग कंपनी भी है, जो लगातार समय से आगे रहने के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचारों को अपनाने में खुद को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है. पारंपरिक और आधुनिक का यह सही संतुलन यश राज फिल्म्स को परिभाषित करता है.

आज, हम यश राज फिल्म्स के 50 वें वर्ष में प्रवेश करते हैं. इसलिए, जैसा कि मैंने इस नोट को लिखा है, मैं यह पता लगाने की कोशिश कर रहा हूं कि वास्तव में इस 50 साल की सफलता का रहस्य क्या है? एक कंपनी 50 वर्षों तक क्या फलती-फूलती है? क्या यह यश चोपड़ा की रचनात्मक प्रतिभा है? अपने 25 साल के बड़े बेटे के दुस्साहसिक विजन? या यह सिर्फ सादा भाग्य है? यह उपरोक्त में से कोई नहीं है. इसके लोग. पिछले 50 वर्षों से प्रत्येक YRF फिल्म में काम करने वाले लोग. मेरे पिताजी एक कवि की लाइन- मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गे हमारे करवां बनता गया (मैं अपनी मंजिल की ओर अकेले ही चला, लोग जुड़ते रहे और कारवां बढ़ता रहा). इसे पूरी तरह समझने में मुझे 25 साल लग गए. YRF 50 के रहस्य हैं लोग 

एक्टर्स जिन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से अपनी जान को झौंक दिया. निर्देशक जो फिल्मों को पूर्णता के लिए तैयार करते हैं. लेखक जिन्होंने यादगार कहानियां बनाईं. संगीत निर्देशक और साहित्यकार जिन्होंने हमें गीत दिए जो हमारे जीवन का हिस्सा बन गए. सिनेमेटोग्राफर्स और प्रोडक्शन डिजाइनर्स जिन्होंने हमारे दिमाग पर अमिट छवियां हमेशा के लिए छोड़ दीं. कॉस्ट्यूम डिजाइनर और मेकअप और हेयर स्टाइलिश जिन्होंने साधारण से दिखने वाले लोगों को भी खूबसूरत बना दिया. कोरियोग्राफर्स जिन्होंने हमें डांस स्टेप्स दिए, जो हमारे सभी समारोहों का हिस्सा हैं. SPOTBOYS, LIGHTMEN, SETTING WORKERS, DRESSMEN, JUNIOR ARTISTS, STUNTMEN, डांसर और हर एक क्रू मेंबर जिन्होंने हमारी सभी फिल्मों में अपना खून और पसीना बहाया है. सेनानी EXECUTIVES और YRF के सभी कर्मचारी जिन्होंने बिना किसी वैभव या ख्याति के दिन-रात अथक परिश्रम किया. और अंत में ऑडियंस, जिन्होंने हमारी फिल्मों को अपना प्यार और विश्वास दिया. ये लोग हमारी 50 साल की सफलता का रहस्य हैं. YRF के प्रत्येक कलाकार, कार्यकर्ता, कर्मचारी और दर्शकों के प्रति मेरी गहरी कृतज्ञता. मैं इन 50 वर्षों को आप सभी को समर्पित करता हूं. तुम वही हो जो YRF बनाता है.

लेकिन यह केवल वाईआरएफ नहीं है जो इन कलाकारों और श्रमिकों द्वारा बनाई गई है; यह संपूर्ण भारतीय फिल्म उद्योग है.

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मन की बात: पीएम मोदी ने दो गज की दूरी पर फिर दिया जोर, घरों में Storytelling को बढ़ावा देने की अपील की

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात रेडियो कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने कोरोना काल में दो गज की दूरी की अहमियत बताई. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया परिवर्तन के दौर से गुजर रही है. उन्होंने कहा कि इस संकट में परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम किया है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ”कोरोना के इस कालखंड में पूरी दुनिया अनेक परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है. आज, जब दो गज की दूरी एक अनिवार्य जरूरत बन गई है, तो इसी संकट काल ने, परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़ने और करीब लाने का काम भी किया है.”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने Story Telling यानी कहानी सुनाने के महत्व को भी बताया. प्रधानमंत्री ने कहा, ”इतने लम्बे समय तक, एक साथ रहना, कैसे रहना, समय कैसे बिताना, हर पल खुशी भरी कैसे हो ? तो, कई परिवारों को दिक्कतें आई और उसका कारण था, कि, जो हमारी परम्पराएं थी, जो परिवार में एक प्रकार से संस्कार सरिता के रूप में चलती थी, उसकी कमी महसूस हो रही है, ऐसा लग रहा है, कि, बहुत से परिवार है जहाँ से ये सब कुछ खत्म हो चुका है, और, इसके कारण, उस कमी के रहते हुए, इस संकट के काल को बिताना भी परिवारों के लिए थोड़ा मुश्किल हो गया, और, उसमें एक महत्वपूर्ण बात क्या थी? हर परिवार में कोई-न-कोई बुजुर्ग, बड़े व्यक्ति परिवार के, कहानियाँ सुनाया करते थे और घर में नई प्रेरणा, नई ऊर्जा भर देते हैं.”

उन्होंने आगे कहा, ”हमें, जरुर एहसास हुआ होगा, कि, हमारे पूर्वजों ने जो विधायें बनाई थी, वो, आज भी कितनी महत्वपूर्ण हैं और जब नहीं होती हैं तो कितनी कमी महसूस होती है. ऐसी ही एक विधा जैसा मैंने कहा, कहानी सुनाने की कला story telling.”

कहानी सुनाने की कला का इतिहास और महत्व बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी कि मानव सभ्यता. कहानियाँ, लोगों के रचनात्मक और संवेदनशील पक्ष को सामने लाती हैं, उसे प्रकट करती हैं. कहानी की ताकत को महसूस करना हो तो जब कोई माँ अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए या फिर उसे खाना खिलाने के लिए कहानी सुना रही होती है तो देखें.”

प्रधानमंत्री ने अपने शुरुआती जीवन का किस्सा भी सुनाया, उन्होंने कहा कि शुरुआती जीवन में बच्चों से मिलता था और उन्हें कहानी सुनाता और उनसे भी सुनाने को कहता. प्रधानमंत्री ने कहा, ”मैं अपने जीवन में बहुत लम्बे अरसे तक एक परिव्राजक के रूप में रहा. घुमंत ही मेरी जिंदगी थी. हर दिन नया गाँव, नए लोग, नए परिवार, लेकिन, जब मैं परिवारों में जाता था, तो, मैं, बच्चों से जरूर बात करता था और कभी-कभी बच्चों को कहता था, कि, चलो भाई, मुझे, कोई कहानी सुनाओ, तो मैं हैरान था, बच्चे मुझे कहते थे, नहीं uncle, कहानी नहीं, हम, चुटकुला सुनायेंगे, और मुझे भी, वो, यही कहते थे, कि, uncle आप हमें चुटकुला सुनाओ यानि उनको कहानी से कोई परिचय ही नहीं था. ज्यादातर, उनकी जिंदगी चुटकुलों में समाहित हो गई थी.”

प्रधानमंत्री ने कहानी से जुड़ी कुछ वेबसाइट्स की भी जानकरी दी. उन्होंने कहा, ”मुझे gaathastory.in जैसी website के बारे में जानकारी मिली, जिसे, अमर व्यास, बाकी लोगों के साथ मिलकर चलाते हैं. अमर व्यास, IIM अहमदाबाद से MBA करने के बाद विदेशों में चले गए, फिर वापस आए. इस समय बेंगलुरु में रहते हैं और समय निकालकर कहानियों से जुड़ा, इस प्रकार का, रोचक कार्य कर रहे है. कई ऐसे प्रयास भी हैं जो ग्रामीण भारत की कहानियों को खूब प्रचलित कर रहे हैं. वैशाली व्यवहारे देशपांडे जैसे कई लोग हैं जो इसे मराठी में भी लोकप्रिय बना रहे हैं.”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ”चेन्नई की श्रीविद्या वीर राघवन भी हमारी संस्कृति से जुड़ी कहानियों को प्रचारित, प्रसारित, करने में जुटी है, वहीं, कथालय और The Indian storytelling network नाम की दो website भी इस क्षेत्र में जबरदस्त कार्य कर रही हैं. गीता रामानुजन ने kathalaya.org में कहानियों को केन्द्रित किया है, वहीं, The Indian storytelling network के जरिये भी अलग-अलग शहरों के story tellers का network तैयार किया जा रहा है. बेंगलुरु में एक विक्रम श्रीधर हैं, जो बापू से जुड़ी कहानियों को लेकर बहुत उत्साहित हैं. और भी कई लोग, इस क्षेत्र में, काम कर रहे होंगे – आप जरूर उनके बारे में Social media पर शेयर करें.”



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कितनी सेफ है आपकी WhatsApp Chat? कैसे रहें सुरक्षित? जानें सभी सवालों के जवाब

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वॉट्सऐप कहता है कि आपका मैसेज एंड टू एंड इनक्रिप्टेड है, लेकिन पुरानी चैट जो कि डिलीट भी की जा चुकी है आखिर कैसे बाहर आ रही हैं.



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VIDEO: रवि किशन बोले- ड्रग्स वाले बयान के बाद मिल रही जान की धमकी

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नई दिल्ली: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के बाद से ही लगातार बॉलीवुड को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब बॉलीवुड में ड्रग्स कनेक्शन पर लगातार सामने आती खबरों से हर कोई सकते में हैं. वहीं लोक सभा सत्र में बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन पर बयान देने वाले सांसद व अभिनेता रवि किशन (Ravi Kishan) भी मुश्किलों में घिर गए हैं. रवि किशन का कहना है कि उन्हें ड्रग्स वाले बयान के बाद से जान की धमकियां मिल रही हैं. 

याद दिला दें कि बीते दिनों रवि किशन (Ravi Kishan) ने लोक सभा में बॉलीवुड में ड्रग्स को लेकर कहा था कि ड्रग्स की तस्करी और युवाओं द्वारा इसका सेवन करना हमारे देश के सामने नई चुनौती बनकर सामने आया है. जिसके बाद जया बच्चन ने भी उनका विरोध किया था. वहीं अब रवि किशन ने चौंकाने वाला दावा किया है कि उन्हें इस बयान के कारण धमकियां दी जा रही हैं.

देश के भविष्य के लिए 2, 5 गोली खा भी लेंगे 
ट्विटर पर रवि किशन का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह इस बात को सुनाते दिख रहे हैं. वह कहते हैं, ‘देश के बच्चों के लिए, भविष्य के लिए, अपने भारत के लिए, फिल्म इंडस्ट्री के बच्चों के लिए और युवाओं के लिए हमने आवाज उठाई है.उसमें मैंने यह नहीं सोचा कि हमें कोई जान से मार देगा. अगर मार भी देता है तो देश के भविष्य के लिए 2, 5 गोली खा भी लेंगे तो कोई चिंता नहीं है.’  अब यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. 

इनके फोन हैं NCB के कब्जे में
सूत्रों के मुताबिक NCB ने दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर. रकुलप्रीत सिंह, करिश्मा प्रकाश, सिमोन खंबाटा और जया साहा के फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं. सूत्रों के मुताबिक अब इनके फोन का डाटा रिकवर किया जाएगा. बताया जा रहा है कि ड्रग मामले में गिरफ्तार. केजे ऊर्फ करमजीत ने एनसीबी को पूछताछ में 50 लोगों के नाम बताए हैं और अब जब्त किए गए फोन का डाटा रिकवर कर एनसीबी उन नामों का मिलान करना चाहती है.

अब तक 20 गिरफ्तार 
ड्रग मामले में NCB ने अबतक 35 लोगों से पूछताछ की है और 20 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. . लेकिन अभी पूछताछ खत्म नहीं हुई है. सूत्रों की माने तो NCB ने अभी तक क्लीन चिट नहीं दी है और आगे भी पूछताछ जारी रहेगी. (इनपुट ANI)

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शाहिद अफरीदी बोले- जब तक रहेगी मोदी की सरकार, नहीं हो सकती भारत-पाकिस्तान सीरीज़

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शाहिद अफरीदी

India-Pakistan Cricket: भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले 13 साल से कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं हुई है. आखिरी बार दोनों टीमों के बीच साल 2007 में सीरीज़ हुई थी.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 27, 2020, 10:57 AM IST

नई दिल्ली.  पाकिस्तानी क्रिकेटरों को इंडियन प्रीमियर(IPL) में खेलने का मौका नहीं मिलता है. लिहाजा इसको लेकर पाकिस्तानी क्रिकेटरों की बौखलाहट सामने आती रहती है. इसी कड़ी में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) की भी झुंझलाहट सामने आई है. उन्होंने कहा कि जब तक भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार (PM Modi Govt.) रहेगी तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच बाइलेट्रल सीरीज नहीं हो सकती है. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेटर आईपीएल को मिस कर रहे हैं. अफरीदी के मुताबिक पाकिस्तान के युवा क्रिकेटरों को इस लीग में खेलने का काफी फायदा होता.

और क्या कहा अफरीदी ने?
अरब न्यूज़ से बातचीत करते हुए शाहिद अफरीदी ने कहा, ‘पाकिस्तान की सरकार हमेशा भारत से क्रिकेट खेलने के लिए तैयार है. लेकिन भारत में मौजूदा सरकार के रहते हुए दोनों देशों के बीच क्रिकेट की कोई उम्मीद नहीं है. जब तक मोदी सत्ता में रहेंगे भारत और पाकिस्तान के बीच कोई बाइलेट्रल सीरीज नहीं हो सकती है.’ शाहिद अफरीदी ने आगे कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग आईपीएल में न खेलने की वजह से काफी नुकसान हो रहा है.

13 साल से नहीं हुई है टेस्ट सीरीज़भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले 13 साल से कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं हुई है. आखिरी बार दोनों टीमों के बीच साल 2007 में सीरीज़ हुई थी. तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ को भारत ने 1-0 से जीता था. इसके अलावा दोनों टीमों के बीच पिछले सात साल से कोई वनडे बाइलैट्रल सीरीज़ नहीं हुई है. साल 2013 में पाकिस्तान ने भारत का दौरा किया था. पाकिस्तान को उस सीरीज़ में 2-1 से जीत मिली थी.

ये भी पढ़ें:- IPL 2020: सुरेश रैना ने चेन्नई सुपर किंग्स को ट्विटर पर किया अनफॉलो, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

क्या कहा  पीसीबी के चेयरमैन ने
बता दें कि पीसीबी के चेयरमैन एहसान मनी ने कुछ दिन पहले कहा था कि दोनों देशों के बीच सीरीज कराने को लेकर पिछले कुछ सालों में बीसीसीआई के साथ कई बार चर्चा हो चुकी है. चाहे टी20 क्रिकेट हो या फिर बाइलैट्रल सीरीज. लेकिन किसी भी मुद्दे पर अब तक कोई बात नहीं बनी है.





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पूर्व केंद्रीय मंत्री Jaswant Singh का निधन… PM Modi और Rajnath Singh ने जताया शोक

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पूर्व केंद्रीय मंत्री Jaswant Singh का निधन… PM Modi और Rajnath Singh ने जताया शोक 



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IPL 2020: बल्ले से कमाल दिखाने के बाद पृथ्वी शॉ ने अपने ठुमकों से बिखेरा जादू, देखें वीडियो

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दुबई: दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी (MS Dhoni) की टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 44 रनों से करारी शिकस्त देने के बाद दिल्ली कैपिटल्स (DC) के युवा खिलाड़ी जोश से लबरेज हैं. सीएसके जैसी अनुभवी खिलाड़ियों से सजी टीम पर युवा खिलाड़ी भरी पड़ गए. इस जीत के हीरो रहे पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw). इस युवा खिलाड़ी ने अपने बल्ले का दम दिखाते हुए 64 रनों की जबरदस्त पारी खेली.  

दिल्ली की इस सीजन में ये लगातार दूसरी जीत है. ऐसी जीत के बाद तो जश्न मनाना स्वाभाविक था. दिल्ली की पूरी टीम ने इस जीत की खुशी मनाई और खूब पार्टी की. इस दौरान टीम के हीरो पृथ्वी शॉ पार्टी में जमकर डांस करते नजर आए. मैदान पर अपने बल्ले का दम दिखाने वाले इस युवा खिलाड़ी ने पार्टी में अपने ठुमकों से कमाल दिखाया.

 

दिल्ली कैपिटल्स ने अपने सोशल मीडिया पर इस पार्टी का वीडियो शेयर किया है और इसी वीडियो में पृथ्वी डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में टीम के खिलाड़ी केक काटते और मस्ती करते दिख रहे हैं. सोशल मीडिया पर फैन्स इस वीडियो को काफी पसंद कर रहे हैं.

बता दें कि मुकाबले में दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी का करते हुए तीन विकेट पर 175 रन बनाए थे. जिसके जवाब में चेन्नई सात विकेट खोकर महज 131 रन बना सकी. दिल्ली के लिए यह जीत बहुत मायने रखती है.

इस मैच में शॉ ने 43 गेंदों पर  9 चौके और एक छक्का की मदद से 64 रनों की शानदार पारी खेली थी. शिखर धवन ने 27 गेंदों पर 35 रन बनाए थे. इसके अलावा ऋषभ पंत ने 25 गेंदों में नाबाद 37 रन बनाए थे.





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कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी ने सरकार से पूछा, ‘क्या 80 हजार करोड़ रुपए हैं?

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पुणे: पिछले लगभग 9 महीनों से कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच टीका बनाने की तैयारी चल रही है. पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया इसका टीका (Vaccine) तैयार करने बेहद करीब है. लेकिन इस बीच दवा कंपनी ने मोदी सरकार से एक सवाल पूछा है. ये सवाल देश में कोरोना वायरस से लड़ाई के बीच काफी अहम और गंभीर भी है.

क्या केंद्र सरकार करेगी 80,000 करोड़ रुपये का इंतजाम?
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आदर पूनावाला ने सवाल किया है कि क्या सरकार के पास कोरोना वायरस के टीके को खरीदने और उसके वितरण के लिए 80,000 करोड़ रुपये का इंतजाम करेगी. एसआईआई द्वारा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (Oxford University) के साथ मिलकर कोरोना वायरस के संभावित टीके का उत्पादन कर रही है.

पूनावाला ने ट्वीट किया, ‘ झटपट सवाल:क्या भारत सरकार के पास अगले एक साल के दौरान 80,000 करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे? भारत में सभी के लिए टीका खरीदने और उसका वितरण करने के लिए इतनी राशि की जरूरत होगी.’

उन्होंने इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भी टैग किया है. पूनावाला ने कहा कि अगली यह चुनौती है जिससे हमें जूझना होगा.

उन्होंने कहा, ‘मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि भारत और विदेश के वैक्सीन विनिर्माता खरीद और वितरण के मामले में हमारे देश की जरूरत को पूरा कर पाएं, इसके लिए योजना और दिशा की जरूरत है.’

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एसआईआई ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के जेनर इंस्टिट्यूट द्वारा विकसित संभावित टीके का ब्रिटेन-स्वीडन की फार्मा कंपनी एस्ट्रजेनेका के साथ सहयोग में विनिर्माण के लिए करार किया है. इससे पहले एसआईआई ने घोषणा की थी कि वह भारत सहित निम्न और मध्यम आय वर्ग के देशों को यह टीका तीन डॉलर में उपलब्ध कराएगी.

 





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