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जब मिल्खा सिंह ने ली अपनी बायोपिक ‘भाग मिल्खा भाग’ के लिए सिर्फ एक ₹ की फीस

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पैसा मिल्खा सिंह की प्राथमिकता नहीं थी. वे चाहते थे कि मेहरा यह फिल्म बनाएं. (File Photo)

1958 में स्वतंत्र भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक मिल्खा सिंह (Milkha Singh) की वजह से जीता और उन्होंने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते. पैसा मिल्खा सिंह की प्राथमिकता नहीं थी. वे केवल यह चाहते थे कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा यह फिल्म बनाएं.

मुंबई. दिवंगत मिल्खा सिंह (Milkha Singh) ने डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा (Rakeysh Omprakash Mehra) से उनकी लाइफ पर फिल्म बनाने के लिए सिर्फ एक रुपया लिया था. ‘भाग मिल्खा भाग’ (Bhaag Milkha Bhaag) नाम की इस बायोपिक में फरहान अख्तर ने लीड रोल प्ले किया था. एक रुपये के नोट की खास बात यह थी कि यह 1958 में छपा था, जब इन एथलीट ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वतंत्र भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था.

राकेश ओमप्रकाश मेहरा पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राजीव टंडन ने एक बयान में कहा था- ‘हम अपनी फिल्म के माध्यम से मिल्खा जी की कहानी बताने के लिए उनकी सराहना के लिए प्राइसलेस टोकन देना चाहते थे. हमने बहुत लंबे समय तक कुछ खास खोजा. फिर फाइनली हमने विशेष रूप से एक रुपये के नोट की सोर्सिंग की, जो 1958 में छपा था.’

नोट की प्रासंगिकता यह थी कि ‘1958 में स्वतंत्र भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक मिल्खाजी की वजह से जीता और उन्होंने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते.’ पैसा मिल्खा सिंह की प्राथमिकता नहीं थी – वे चाहते थे कि मेहरा यह फिल्म बनाएं.

महान एथलीट चाहते थे कि उनकी बायोपिक इस तरह से बनाई जाए कि यह अधिक से अधिक युवाओं को एथलेटिक्स में पदक अर्जित करने के लिए प्रेरित करे. सिंह ने प्रोजेक्ट में क्लाज यह भी रखा था, जिसमें कहा गया था कि लाभ का एक हिस्सा मिल्खा सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट को दिया जाएगा, जिसकी स्थापना 2003 में गरीब और जरूरतमंद खिलाड़ियों की मदद करने के उद्देश्य से की गई थी. भाग मिल्खा भाग 2013 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म में से एक थी और इसे आलोचकों और दर्शकों दोनों से समान रूप से प्रशंसा मिली.









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WTC: कप्तान Virat Kohli ने उठाया हिटमैन की तैयारी का जिम्मा, मैच से पहले दिखा रोहित-विराट का याराना

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नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच World Test Championship का फाइनल इंग्लैंड के साउथैम्पटन में खेला जा रहा है. इस मैच का पहला दिन बारिश के चलते धुल गया, लेकिन दूसरे दिन मौसम एकदम साफ है. इस बड़े मुकाबले से पहले टीम इंडिया के हिटमैन रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने जमकर तैयारी की. 

विराट ने खुद करवाई रोहित की तैयारी 

इस बड़े मैच में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के प्रदर्शन पर बहुत कुछ निर्भर करता है और इसलिए ही उनकी तैयारी का जिम्मा खुद कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने लिया. कोहली नेट्स में रोहित के साथ बल्लेबाजी की चर्चा करते हुए देखे गए और फिर उन्होंने अपनी टीम के इस बेहतरीन ओपनर के लिए खुद गेंद थ्रोडाउन भी किया. 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो 

विराट रोहित (Rohit Sharma) को नेट्स में बल्लेबाजी की काफी टिप्स देते हुए नजर आए और रोहित भी बड़े ध्यान से उनकी बात सुन रहे थे. बता दें कि रोहित ने इस मैच से पहले इंग्लैंड में सिर्फ एक ही मैच खेला है और विराट को इंग्लैंड का काफी सारा अनुभव है. विराट (Virat Kohli) और रोहित की ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. लोग इस बात से बहुत खुश हैं कि विराट ने खुद रोहित की तैयारी का जिम्मा उठाया.  

 

दो साल से टीम ने बहाया खूब पसीना

पिछले कुछ सालों से टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. भारतीय टीम ने सिर्फ घर में ही नहीं विदेशों में भी काफी बेहतरीन खेल दिखाया है. इस टीम को दुनियाभर में कामयाब बनाने में कप्तान विराट कोहली का भी बहुत बड़ा हाथ रहा है. न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल कर भारत दुनिया का पहला WTC विजेता बन सकता है.  





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ICC WTC Final: Virat Kohli फिर हारे Toss, फैंस बोले- ‘अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में’

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नई दिल्ली: पहले दिन बारिश की वजह  भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल (ICC World Test Championship Final) मुकाबला एक दिन देर से शुरू हुआ. 

विराट कोहली हारे टॉस

साउथैम्पटन (Southampton) के एजिस बाउल (Ageas Bowl) मैदान में  न्यूजीलैंड (New Zealand) के कप्तान केन विलियमसन (Kane Williamson) ने टॉस जीतकर टीम इंडिया (Team India) के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया.

 

फैंस ने लिए कोहली के मजे

विराट कोहली (Virat Kohli) टॉस के मामले में ज्यादातर मौके पर अनलकी रहे हैं. उनके टॉस हारने का सिलसिला इस मैच में भी बरकरार रहा है. ऐसे में कई क्रिकेट फैंस ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान को जमकर ट्रोल किया है. आइए नजर डालते हैं कुछ चुनिंदा ट्वीट्स पर.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 





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WTC Final: टीम इंडिया ने भी दी ‘फ्लाइंग सिख’ को श्रद्धांजलि, काली पट्टी बांधकर मैच खेल रही

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टीम इंडिया मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए काली पट्टी बांधकर विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल खेलेगी. (Team India Instagram)

WTC Final, IND VS NZ: भारतीय क्रिकेट टीम ने भी देश के दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी. सभी खिलाड़ी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल काली पट्टी बांधकर खेल रहे. बीसीसीआई ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.

नई दिल्ली. टीम इंडिया ने भी दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह को खास तरह से श्रद्धांजलि दी. सभी खिलाड़ी न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल काली पट्टी बांधकर खेल रहे हैं. बीसीसीआई ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात 91 साल की उम्र में कोरोना के कारण चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में निधन हो गया था. उनके निधन से पूरा देश दुखी है. प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के अलावा देश के कई दिग्गज खिलाड़ी ने भी फ्लाइंग सिख को याद किया.

इससे पहले दिन में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी ट्वीट कर मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी थी. उन्होंने लिखा था कि एक विरासत जिसने पूरे देश को शानदार काम करने के लिए हमेशा प्रेरित किया. आपका कभी हार न मानने का जज्बा और सपने को साकार करने के पीछे जुटे रहना, हमेशा याद आएगा. बता दें कि मिल्खा सिंह पिछले महीने कोरोना संक्रमित हो गए थे. इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा था और उन्होंने न्यूज एजेंसी से हुई बातचीत में अपने जल्द ठीक होने की उम्मीद जताई थी. हालांकि, ऐसा नहीं हो पाया.

मिल्खा सिंह की पत्नी का 5 दिन पहले निधन हुआ थापिछले महीने 20 मई को उनकी कोरोना वायरस टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी. उनका चंडीगढ़ के PGIMER में इलाज चल रहा था. मिल्खा की पत्नी 85 वर्षीय निर्मल कौर के निधन के पांच दिन बाद ही उन्होंने अंतिम सांस ली. परिवार के एक रसोइये की कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी. इसके बाद उन्हें 24 मई को मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

मिल्‍खा सिंह की जीत से ज्‍यादा हार की होती है चर्चा, ‘एक आदत’ ने तोड़ दिया था सपना

पीएम मोदी ने भी मिल्खा सिंह के निधन पर दुख जताया

पूर्व भारतीय एथलीट की हाल में कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें कोविड आईसीयू से पीजीआईएमईआर के मेडिकल आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया था.उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई मशहूर शख्सियतों ने शोक जताया है.

मिल्खा सिंह को पाकिस्तान के तानाशाह ने दी थी फ्लाइंग सिख की उपाधि, बंटवारे का दर्द भूलकर लाहौर में दौड़े थे

मिल्खा सिंह ने एशियन गेम्स में 4 गोल्ड जीते थे

मिल्खा सिंह ने एशियन गेम्स में 4 गोल्ड जीते थे और 1958 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वो चैम्पियन बने थे. 1960 के रोम ओलंपिक में वो 400 मीटर की रेस में वो चौथे स्थान पर आए थे. लेकिन, उन्होंने जितने समय में रेस पूरी की थी, वो 38 साल तक नेशनल रिकॉर्ड बना रहा. उन्हें 1959 में पद्मश्री मिला था.









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तेलंगाना में पूरी तरह से हटेगा कोरोना लॉकडाउन, राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में लिया फैसला

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<p style="text-align: justify;"><strong>हैदराबाद:</strong> तेलंगाना की सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की वजह से लागू लॉकडाउन को पूरी तरह से हटाया जाएगा. राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला लिया गया. इस तरह से तेलंगाना देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने पूरी तरह से लॉकडाउन को हटाने का एलान किया है. बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने 19 जून तक लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला लिया था, हालांकि इस दौरान लोगों को कुछ छूट भी दी गई थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेलंगाना में कोरोना की मौजूदा स्थिति</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तेलंगाना में शुक्रवार को कोविड-19 के 1,417 नये मामले सामने आने के साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6,10,834 हो गयी जबकि 12 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की तादाद 3,546 पहुंच गयी. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन जारी कर यह जानकारी दी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>पिछले 24 घंटे में 1897 मरीज ठीक हुए</strong>&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">बुलेटिन के मुताबिक ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) में सबसे अधिक 149 मामले दर्ज किए गए. इसके बाद रंगारेड्डी में 104 और खम्मम में 93 नये मामले सामने आए. बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे में 1,897 मरीज संक्रमण मुक्त हुए, जिसके साथ ही कोविड-19 से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 5,88,259 पहुंच गयी. तेलंगाना में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 19,029 हो गयी है. तेलंगाना में कोविड-19 के कारण मृत्यु दर 0.58 प्रतिशत है जबकि ठीक होने की दर 96.30 प्रतिशत है.</p>
<p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/17-times-more-trade-license-fee-in-delhi-direct-effect-4-lakh-traders-ann-1929207" target="_blank" rel="noopener"><strong>दिल्ली में व्यापारियों को देनी होगी 17 गुणा ज्यादा ट्रेड लाइसेंस फीस, करीब 4 लाख कारोबारियों पर सीधा असर</strong></a></p>



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Covid-19: विटामिन सी का ज्‍यादा सेवन भी सेहत के लिए है नुकसानदायक, जानें क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट

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भारत में कोविड (Covid-19) की दूसरी लहर ने तबाही मचाई और इसी तबाही से बचने के लिए लोगों ने घरेलू उपाय किए. डॉक्‍टर की सलाह अनुसार कई उपाय किये जिसमें से एक सबसे अहम उपाय ये था क‍ि अगर आप विटामिन सी (Vitamin C) लेते हैं तो इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है और आपको कोविड का ख़तरा कम हो जाता है. इसके लिए बहुत सारे लोगों ने घर पर ही विटामिन सी लेना शुरू कर दिया. जिन पदार्थों में विटामिन सी होता है, जैसे खट्टे फल, संतरा, नीबू इत्यादि और इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जो लोग नेचुरल विटामिन सी नहीं ले पाते उन्होंने इसकी टैबलेट लेना शुरू कर दी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि विटामिन सी की ज़्यादा मात्रा नुकसानदायक है. हर दवा का अपना एक कोर्स होता है. अगर आप इसको ज़्यादा मात्रा में लेते हैं तो यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है.

देश में कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमिक मरीजों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए लोग इससे बचाव के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. अब जब कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है, तब इसको लेकर और ज्‍यादा डर बना हुआ है. इस दौरान ज्‍यादातर लोग विटामिन डी3 (Vitamin D3), कैल्शियम (Calcium), जिंक (Zinc) और मल्‍टी विटामिन (Multi Vitamin) ले रहे हैं. लेकिन इनका ज्‍यादा डोज नुकसानदायक साबित हो सकता है.

आइए जानते हैं कि किस दवा का कितना कोर्स करना चाहिए

आरएमएल अस्पताल के डॉक्‍टर राजीव सूद ने बताया कि आज के समय में इम्युनिटी बूस्‍टर के कोर्स के बारे में भी लोगों को पता होना बेहद जरूरी हो गया है. डॉ. नवीन ने बताया कि विटामिन सी, डी और मल्‍टी विटामिन का कोर्स केवल एक माह का होता है. इसके साथ ही उन्‍होंने बताया कि जिंक का ज्‍यादा इस्‍तेमाल भी नुकसानदेह साबित हो सकता है.

विटामिन सी को 20वीं सदी की शुरुआत में Albert Szent-Gyorgi ने पहचाना था, जिसकी कमी से स्कर्वी होता है. स्कर्वी को शुरुआत में निमोनिया से जोड़ा गया था जिससे यह पता चलता है कि स्कर्वी का निमोनिया पर भी असर हो सकता है.

1970 के दशक में नोबेल विजेता Linus Pauling ने सर्दी जुखाम के इलाज में विटामिन सी के डोज को इस्तेमाल करने को लोकप्रिय बनाया था. इसके पीछे कारण है कि जब कोई जानवर किसी बीमारी से गुजरता है, तो वह अपने अंदर विटामिन सी का उत्पादन करते हैं. मनुष्यों ने इसकी क्षमता को खो दिया है. इसलिए हम इस जरूरी पोषक तत्व को खो देते हैं. इसे शरीर में स्टोर नहीं किया जा सकता और इसके लिए रोजाना लेने की जरूरत होती है जिससे पर्याप्त स्तर बना रहे. इसके साथ धूम्रपान, खराब लाइफस्टाइल और पर्याप्त पोषक तत्व नहीं लेने से आबादी का बड़ा हिस्सा विटामिन सी की कमी से जूझता है.

इतनी मात्रा है जरूरी

1950 और 1960 के दशक में विटामिन सी की कमी को लेकर बहुत स्टडी हुईं जिनमें पाया गया कि कम विटामिन सी लेने से ज्यादा लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है. इसलिए प्रति दिन 4 से 6 ग्राम विटामिन सी लेने का सुझाव दिया जाता है. एक स्टडी से पता चला है कि इतना विटामिन लेने से कोल्ड और फ्लू के लक्षणों में 85 फीसदी की कमी आती है. जिन लोगों को यह लगता है कि वह फलों से विटामिन सी हासिल कर सकते हैं, उनके लिए यह समझना जरूरी है कि 20 संतरों से 1 ग्राम विटामिन सी मिलता है और यह लेना असंभव है.

कोविड-19 की स्थिति में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने का मुख्य कारण ज्यादा मुफ्त रैडिकल और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है जो इम्यून सिस्टम के सही काम न करने की वजह से होता है. यह वायरस को खत्म करने की कोशिश में होता है. विटामिन सी एक पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट है जो इन फ्री रैडिकल को बेअसर करके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. जब ऑक्सीडेंट और एंटी-ऑक्सीडेंट के बीच बैलेंस नहीं रहता, तो नुसान होता है और मरीजों की बीमारी बिगड़ जाती है. पर्याप्त विटामिन सी लेकर हम अपने शरीर के एंटी ऑक्सीडेंट स्टेटस को बढ़ा सकते हैं.



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ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले 6 कर्मियों के परिजनों को केजरीवाल सरकार देगी एक-एक करोड़ रुपये

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<p style="text-align: justify;">दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने घोषणा की है कि है कि दिल्ली में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों को आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देगी. जान गंवाने वाले इन कर्मियों में 3 एय़र फोर्स में कार्य़रत थे, दो दिल्ली पुलिस में जबकि एक सिविल डिफेंस में कार्यरत थे. सिसौदिया ने कहा है कि दिल्ली सरकार ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले इन परिवारों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़ी है. इन लोगों ने देश की सेवा करते हुए अपने जान की बलि दी है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सम्मान के साथ जी सकेगा शहीद का परिवार&nbsp;</strong><br />सिसोदिया ने कहा कि पहल दिन से ही केजरीवाल सरकार ने घोषणा की है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ की अनुग्रह राशि दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हालांकि जिन परिवारों से लोग अपनी जान गंवाते हैं, उन परिवारों को इसकी भारपाई नहीं की जा सकती. लेकिन इस अनुग्रह राशि से कम से कम यह हो जाएगा कि वह परिवार आगे का जीवन सम्मान के साथ जी सकेगा. दिल्ली सरकार ने ऐसे पुलिस और सैनिकों के लिए 1 करोड़ रुपये की सहयोग राशि की घोषणा की थी. अभी जिन 6 परिवारों को आर्थिक मदद दी जा रही है, इनमें 3 एयर फोर्स, 2 दिल्ली पुलिस और एक सिविल डिफेंस के जवान के हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ड्यूटी के दौरान गई थी जान</strong><br />दिल्ली पुलिस के संकेत कौशिक ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे. उन्हें तेजी से आते हुए ट्रक ने रजोकरी फ्लाई ओवर के पास टक्कर मार दी जिसमें मौके पर ही उनकी मौत हो गई. उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं. इसके अलावा इंडियन एयर फोर्स के फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुनील मोहंती और राजेश कुमार का &nbsp;AN-32 aircraft अरुणाचल प्रदेश के पास क्रैश हो गया था जिसमें दोनों की जान चली गई.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इनके नाम हैं…</strong><br />1. संकेत कौशिक, दिल्ली पुलिस<br />2. राजेश कुमार, एयरफोर्स<br />3. सुनीत मोहंती, एयरफोर्स<br />4. मीत कुमार, एयरफोर्स<br />5. विकास कुमार, दिल्ली पुलिस<br />6. प्रवेश कुमार, सिविल डिफेंस</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/sc-dismisses-doctors-plea-for-cancelling-postponing-pg-final-year-medical-exam-1929104">Medical PG Exam: मेडिकल की पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा रद्द कराने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार, जानिए क्या कहा</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/world/india-abstains-from-voting-on-unga-resolution-on-myanmar-1929095">UNGA on Myanmar: संयुक्त राष्ट्र में म्यांमार पर आए प्रस्ताव से क्यों दूर रहा भारत, ये है बड़ा कारण&nbsp;</a></strong></p>



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Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin Spoiler Alert: एक-दूसरे के और करीब आएंगे सई और विराट, एक मिशन ला देगा दोनों के बीच दूरी

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नई दिल्ली: अब तक आपने देखा पाखी (Pakhi) अपने माता-पिता की एनिवर्सिरी पर सबको इन्विटेशन भेजती है सिवाय सई के. इसलिए सई एनिवर्सिरी पार्टी में आने से मना कर देत है लेकिन विराट सई को पार्टी में उसके साथ जाने के लिए मनाता है. 

आज क्या होगा

आज आप देखेंगे कि पाखी का सई (Pakhi And Sai) को मैसेज ना भेजना उसी पर भारी पड़ गया. आई पार्टी के लिए सई को तैयार करती है. सई का मन नहीं होता पार्टी में जाने का लेकिन आई फिर भी मनाती है. सई (Sai Family) अपने परिवार को लेकर इमोशनल हो जाती है और बताती है कि लाख कोशिश करने के बावजूद गुस्सा कंट्रोल नहीं हो पाता.

सई को मना लेगा विराट

विराट सई (Virat Sai Romantic) का मजाक उड़ाता है और वो गुस्सा हो जाती है. लेकिन विराट उसे मना लेता है. सई पाखी के माता-पिता को साड़ी गिफ्ट करने का आईडिया देती है. दोनों एक-दूसरे के और करीब आते हैं. 

अगले एपिसोड में क्या

आगे के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि विराट (Virat Mission) एक मिशन के लिए हां बोल देता है, जिसमें उसकी जान को खतरा हो सकता है. यह जानकर सई के पैरों तले जमीन खिसक जाती है. मिल कर फिर से दूर हो जाने का डर सई को परेशान करेगा.

यह भी पढ़ें- इमली करेगी निशांत को कमरे में बंद, बेहोश होने पर अस्पताल में करवाया जाएगा भर्ती

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WTC Final: न्यूजीलैंड 5 तेज गेंदबाजों के साथ उतर रही, टीम इंडिया के खिलाफ प्रदर्शन बेहद खतरनाक

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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल शुरू हो चुका है.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC Final) के फाइनल में न्यूजीलैंड ने टाॅस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है. न्यूजीलैंड पांच तेज गेंदबाजों के साथ उतरी है. ऑफ स्पिनर एजाज पटेल को प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली है. दूसरी ओर टीम इंडिया ने दो स्पिन गेंदबाजों को शामिल किया है.

साउथैम्टन. न्यूजीलैंड ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है. पहले दिन बारिश के कारण खेल नहीं हो सका था. टीम इंडिया ने दो दिन पहले ही प्लेइंग-11 घोषित कर दी थी. टीम ने दो स्पिन गेंदबाज रवींद्र जडेजा और आर अश्विन को मौका दिया है. दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम ने कोई भी स्पिन गेंदबाज को शामिल नहीं किया है.

न्यूजीलैंड ने पांच तेज गेंदबाजों को टीम में शामिल किया है. टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट और नील वैगनर का रिकॉर्ड टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के खिलाफ शानदार रहा है. दूसरी ओर विराट की आईपीएल टीम में शामिल काइल जेमिसन और कॉलिन डी ग्रैंडहोम भी टीम में जगह मिली है. विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वाटलिंग का यह अंतिम मैच है. ऐसे में कीवी टीम इसे यादगार बनाना चाहेगी. टीम में दो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बोल्ट और वैगनर हैं. आईसीसी की ओर से पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है. ऐसे में दोनों टीमें पहले सीजन का खिताब जीतना चाहेंगी.

कोहली को तीन बार किया है आउट

नील वैगनर और विराट कोहली टेस्ट में 6 पारियों में भिड़े हैं. वैगनर इस दौरान उन पर भारी पड़े हैं. नील वैगनर ने कोहली को 6 में से 3 बार आउट किया है. वहीं कोहली उनके खिलाफ 6 पारियों में सिर्फ 60 रन बना सके हैं. इसके अलावा न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने 12 पारियों में 3 बार जबकि टिम साउदी ने 9 पारियों में 3 बार विराट कोहली को आउट किया है. ऐसे में फाइनल में काेहली को इस तिकड़ी से दूर रहना होगा.न्यूजीलैंड की प्लेइंग इलेवन- डेवॉन कॉनवे, टॉम लैथम, केन विलियमसन, रॉस टेलर, हेनरी निकोल्स, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, काइल जेमिसन, बीजे वॉटलिंग, नील वैगनर, ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी.

भारत की प्लेइंग इलेवन- रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह.









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WTC Final, IND vs NZ: कप्तान कोहली ने बताया, क्यों प्लेइंग-11 में अश्विन और जडेजा को मौका दिया

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WTC Final: विराट कोहली ने दो दिन पहले ही भारत की प्लेइंग-11 घोषित कर दी थी. (PC-AFP)

WTC Final, IND vs NZ: विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी. इस मुकाबले के लिए भारत ने दो दिन पहले ही अपनी प्लेइंग-11 घोषित कर दी थी. बारिश और तेज गेंदबाजी के अनुकूल मौसम होने के बावजूद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने रविंद्र जडेजा और रविचंद्नन अश्विन को प्लेइंग-11 में शामिल किया है. उन्होंने टॉस के बाद इसकी वजह भी बताई.

नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल साउथैम्पटन में खेला जा रहा है. पहला दिन बारिश के कारण धुलने के बाद दूसरे दिन टॉस हुआ और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन की किस्मत ने उनका साथ दिया औऱ वो टॉस के बॉस बने. बारिश और कंडीशंस को देखते हुए उन्होंने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया. जब भारतीय कप्तान विराट कोहली से पूछा गया कि अगर वो टॉस जीतते तो क्या करते, तो उन्होंने भी पहले गेंदबाजी की ही बात कही. हालांकि, वो पहले बल्लेबाजी को लेकर भी मायूस नहीं दिखे.

विराट ने कहा कि ये बड़ा फाइनल है. अगर हम पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर रन जोड़ पाए तो ये हमारे लिए अच्छा होगा. हमारे लिए पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद ही होगा. इस मुकाबले के लिए भारत ने गुरुवार को ही प्लेइंग-11 का ऐलान कर दिया था. टीम में दो स्पिनर्स रविचंद्नन अश्विन और रविंद्र जडेजा को रखा गया है. हालांकि, साउथैम्पटन में लगातार बारिश हो रही है और पिच पर घास भी है. ऐसे में दो स्पिनर्स को खिलाने के सवाल पर भारतीय कप्तान ने कहा कि हमारे दो फिरकी गेंदबाज अनुभवी हैं. वो हर की तरह परिस्थिति में गेंदबाजी करना जानते हैं. अगर पिच पर थोड़ी भी नमी होगी, तो इसका जरूर फायदा उठाएंगे. दोनों सधी हुई लाइन लेंथ से गेंदबाजी करते हैं, ऐसे में हम दोनों गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल करेंगे.

भारतीय टीम ने इस मैच में दो स्पिनर्स के साथ तीन गेंदबाजों को भी मौका दिया है. जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा पर पेस बॉलिंग की जिम्मेदारी होगी. रोहित शर्मा और शुभमन गिल ओपनिंग करेंगे. वहीं, मिडिल ऑर्डर में कप्तान कोहली के अलावा चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत रहेंगे.









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