20 रुपये कम होंगे खाद्य तेलों के दाम? आयात शुल्क का जिक्र करते केंद्र ने राज्यों को लिखा पत्र

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Edible Oil Price: केंद्र ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि खाद्य तेलों पर घटाए गए आयात शुल्क का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए हर संभव और सख्त कदम उठाएं. आठ प्रमुख तेल उत्पादक राज्यों को पत्र लिखा गया है. इनमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश हैं.

सरकार का अनुमान है कि आयात शुल्क घटने से खाद्य तेलों के दाम में 15-20 रुपये प्रति किलो की कमी आएगी. राज्यों से कहा गया है कि त्योहारी सीजन में शुल्क घटने का फायदा उपभोक्ताओं तक तत्काल पहुंचाना सुनिश्चित करें. बुधवार को वाणिज्य मंत्रालय ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क खत्म करने का ऐलान किया था, जो गुरुवार से लागू हुआ है. 31 मार्च 2022 तक आयात शुल्क खत्म कर दिया गया है.

पिछले एक साल से कुकिंग ऑयल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोयाबीन ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर बेसिक ड्यूटी को 2.5% से घटाकर शून्य कर दिया है. इन तेलों पर कृषि उपकर (Agri-cess) कच्चे पाम तेल के लिए 20% से घटाकर 7.5% और कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल के लिए प्रत्येक पर 5% कर दिया गया है. 

बता दें कि भारत में पाम तेल और सोयाबीन तेल का प्रमुखता से आयात किया जाता है. भारतीय बाजार में पाम तेल की हिस्सेदारी करीब 30-31% है. सोयाबीन तेल की हिस्सेदारी 22% तक है. वहीं,  आरबीडी पामोलिन ऑयल (RBD Palmolein Oi), रिफाइंड सोयाबीन और रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल पर बेसिक ड्यूटी 32.5% से घटाकर 17.5 फीसदी कर दी गई है. आज की कटौती से पहले सभी कच्चे खाद्य तेलों पर कृषि अवसंरचना उपकर (agricultural infrastructure cess) 20% था. 

 

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