दिल्ली कैपिटल्स के लिए सिरदर्द बने रविचंद्रन अश्विन, क्या ऋषभ पंत देंगे KKR के खिलाफ मौका?

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नई दिल्ली. आईपीएल 2021 के फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सामना किस टीम से होगा आज यह साफ हो जाएगा. लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स (KKR vs DC) के बीच शारजाह में आज दूसरा क्वालिफायर खेला जाएगा. इस मुकाबले को जो टीम जीतेगी. वो फाइनल का टिकट कटा लेगी. दिल्ली कैपिटल्स को पहले क्वालिफायर में चेन्नई के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. अब ऋषभ पंत (Rishabh Pant) के लिए फाइनल में जगह बनाने का यह आखिरी मौका है. यहां चूके तो फिर पहला खिताब जीतने का इंतजार और लंबा हो जाएगा.

दिल्ली कैपिटल्स ने बीते कुछ सालों से आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है. दिल्ली इकलौती टीम है, जो 3 साल से लगातार प्लेऑफ खेल रही है. टीम की सबसे बड़ी ताकत जरूरत के हिसाब से बेस्ट प्लेइंग-11 चुनना और इसमें तभी बदलाव करना जब ऐसा करना बहुत जरूरी हो. मार्कस स्टोइनिस के पांच मैच में मौजूद नहीं रहने के बावजूद इस सीजन में दिल्ली लीग फेज में टॉप पर रही. लेकिन क्वालीफायर-1 में चेन्नई सुपर किंग्स से मिली हार के बाद टीम का संतुलन गड़बड़ाता नजर आ रहा है.

अश्विन दिल्ली कैपिटल्स की परेशानी बढ़ा रहे
वहीं आर अश्विन (R Ashwin) की गेंदबाजी फॉर्म भी टीम का सिरदर्द बढ़ा रही है. अश्विन ने आईपीएल 2021 के दूसरे फेज में खेले 7 मैच में सिर्फ 4 विकेट लिए हैं. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पंत केकेआर के खिलाफ इस ऑफ स्पिनर को मौका देंगे. फिलहाल, तो जो समीकरण बन रहे हैं, वो अश्विन को एक और मौका मिलने की तरफ ही इशारा कर रहे हैं. क्योंकि कैपिटल्स ने स्टोइनिस की भरपाई के लिए ललित यादव, स्टीव स्मिथ, टॉम करेन जैसे खिलाड़ियों को इस्तेमाल किया. लेकिन इनमें से एक भी स्टोइनिस जैसा संतुलन नहीं ला पाया. ऐसे में केकेआर के खिलाफ भी पंत बेस्ट कॉम्बिनेशन बनाए रखने के लिए अश्विन पर ही दांव लगा सकते हैं. हालांकि, उनका प्रदर्शन फीका रहा है.

अश्विन का औसत और स्ट्राइक रेट सबसे खराब
अश्विन यूएई में अब तक असरदार नहीं दिखे हैं. उन्होंने यूएई लेग में कुल 7 मैच खेले. इसमें से वो 3 मैच में तो एक भी विकेट नहीं ले पाए. उन्होंने हर मैच में अपने कोटे के पूरे 4 ओवर भी नहीं डाले हैं. जो कप्तान का सिरदर्द बढ़ाने वाला ही कहा जाएगा. इस सीजन में अश्विन ने 12 मैच में 60.80 के औसत और 49.0 के स्ट्राइक रेट से केवल पांच विकेट लिए हैं. टूर्नामेंट में कम से कम 40 ओवर फेंकने वाले 22 गेंदबाजों में अश्विन का औसत और स्ट्राइक रेट सबसे खराब है.

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अश्विन के फीके प्रदर्शन से दूसरे गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा
टीम के बाकी स्पिनर अक्षऱ पटेल, ललित यादव से भी अश्विन का इकोनॉमी रेट ज्यादा है. अश्विन ने 12 मैच में 7.44 के इकोनॉमी रेट से 304. जबकि अक्षर ने 11 मैच में 6.52 के इकोनॉमी रेट से 274 रन दिए हैं. यह दिल्ली की परेशानी बढ़ाने वाला है. क्योंकि अश्विन टीम के मुख्य स्पिनर हैं. अगर वो विकेट लेने या रन रोकने में नाकाम रहते हैं तो बाकी के गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. चेन्नई के खिलाफ हुए पहले क्वालिफायर में यह नजर भी आया. इस मैच में अश्विन ने सिर्फ 2 ओवर ही गेंदबाजी की थी और मैच का नतीजा दिल्ली के हक में नहीं आया था.

अश्विन के प्लेइंग-11 में रहने के कारण अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा को बाहर बैठना पड़ रहा है. जबकि उन्होंने आईपीएल 2021 के 4 मैच में 14 के स्ट्राइक रेट से 6 विकेट लिए हैं.

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