महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब से कनेक्शन को लेकर ED ने तीन जगहों पर की छापेमारी

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ED Raids In Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं शिवसेना नेता अनिल परब से कनेक्शन को लेकर तीन जगहों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है.

मंगलवार को होगी पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल परब को अनिल देशमुख एवं अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को तलब किया है. इसपर शिवसेना ने कहा कि पार्टी इस मामले को कानूनी रूप से सुलझाएगी और संकेत दिया कि यह समन रत्नागिरी में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे की गिरफ्तारी से संबंधित है. परब इसी जिले के अभिभावक मंत्री हैं.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महाविकास आघाड़ी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री 56 वर्षीय अनिल परब महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य हैं. अधिकारियों ने बताया कि ईडी की ओर से कहा गया है कि परब दक्षिण मुंबई में एजेंसी के कार्यालय में मामले के जांच अधिकारी के समक्ष मंगलवार को पेश हों.

अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में परब से पूछताछ की जाएगी क्योंकि इस मामले में अन्य आरोपियों और मामले में शामिल लोगों द्वारा कुछ खुलासे किए गए हैं.

संजय राउत ने साधा निशाना

शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि केंद्रीय एजेंसी की ओर से परब को आया नोटिस ‘उम्मीद के अनुरूप’ है और पार्टी इससे कानूनी तरीके से लड़ेगी. राउत ने ट्वीट किया, ‘‘बहुत बढ़िया, जैसे ही जन आशीर्वाद यात्रा समाप्त हुई, अनिल परब को ईडी द्वारा उम्मीद के अनुरूप नोटिस भेजा गया. केंद्र सरकार ने अपना काम शुरू कर दिया. भूकंप का केंद्र रत्नागिरी था. परब जिले के प्रभारी मंत्री हैं. घटनाक्रम को समझिए. हम कानूनी रूप से इस लड़ाई को लड़ेंगे. जय महाराष्ट्र.’’

हाल में, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने पर रत्नागिरी से गिरफ्तार किया गया था. राणे ने शिवसेना और ठाकरे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान की थी.

यह मामला महाराष्ट्र पुलिस विभाग में कथित तौर पर 100 करोड़ रूपये की रिश्वतखोरी और वसूली गिरोह से जुड़ा है, जिसकी आपराधिक जांच ईडी कर रहा है. इस मामले में अप्रैल में देशमुख को इस्तीफा देना पड़ा था.

मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह के 100 करोड़ रूपये की रिश्वतखोरी के आरोपों से संबंधित भ्रष्टाचार के इस कथित मामले में सीबीआई द्वारा प्रकरण दर्ज करने के बाद ईडी ने देशमुख तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. तब देशमुख महाविकास आघाड़ी सरकार में गृह मंत्री थे.

ईडी की तरफ से दिए गए पांच समन पर पूर्व में पेश नहीं होने वाले देशमुख ने कहा था कि मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के कारण परमबीर सिंह ने उनके खिलाफ ये आरोप लगाए हैं.

ईडी ने जेल में बंद पुलिस अधिकारी एवं मामले के आरोपी सचिन वाजे के दो बार बयान दर्ज किए हैं और अब एजेंसी इस बाबत परब से पूछताछ कर सकती है. वाजे को रिलायंस इंडस्ट्री के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर के बाहर विस्फोटक से भरे वाहन के मिलने के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था.

वाजे ने पूर्व में एक पत्र में आरोप लगाया था कि परब ने जनवरी 2021 में उससे मुंबई नगर निकाय में सूचीबद्ध “धोखाधड़ी” करने वाले ठेकेदारों की जांच करने और उनमें से करीब 50 से कम से कम 2 करोड़ रुपये एकत्र करने को कहा था. वाजे ने इस पत्र को अदालत के समक्ष पेश करने की मांग की थी. परब ने वाजे के आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि वह आरोपों की जांच के लिये तैयार हैं.

कांग्रेस ने क्या कहा?

अनिल परब को ईडी द्वारा तलब किए जाने पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि बीजेपी ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. जो हो वो सामने आना चाहिए लेकिन बार-बार विपक्ष के लोगों पर ही रेड करवाती है. उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी में भ्रष्टाचारी लोग नहीं हैं, जिनपर ईडी की रेड हो सकती है? 

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