कल नियुक्त होने वाले 9 जजों में से 3 बन सकते हैं CJI, जानिए इस पद पर पहुंचने की प्रक्रिया

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Judge Designated Oath: सुप्रीम कोर्ट में 9 नए जजों के शपथ ग्रहण की चर्चा के बीच आप ने यह भी सुना होगा कि इनमें से 3 भविष्य में चीफ जस्टिस बन सकते हैं. यह भी कि जस्टिस बी वी नागरत्ना के रूप में 2027 में भारत को पहली महिला चीफ जस्टिस मिलेगी. लेकिन उनका कार्यकाल सिर्फ 36 दिन का होगा. ऐसे में आपके मन में सवाल उठ सकता है कि यह कैसे तय होता है कि चीफ जस्टिस कौन बनेगा और उसका कार्यकाल कितना होगा? इस लेख में हम इसी पर चर्चा करेंगे. यह भी जानेंगे कि सब कुछ परंपरा के हिसाब से चला तो आने वाले समय में कौन-कौन लोग देश के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे.

कैसे होती है चीफ जस्टिस की नियुक्ति

संविधान के अनुच्छेद 124 (2) के तहत राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति करते हैं. नियम के अनुसार नए चीफ जस्टिस के नाम की सिफारिश वर्तमान चीफ जस्टिस भेजते हैं. जब चीफ जस्टिस सेवानिवृत्त होने वाले हों, उससे कुछ पहले केंद्रीय कानून मंत्री उन्हें पत्र भेज कर उनसे इस पद पर नई नियुक्ति के लिए सिफारिश मांगते हैं.

नियमों में ऐसा लिखा है और यह स्थापित परंपरा भी है कि चीफ जस्टिस जिस जज के नाम की सिफारिश भेजते हैं, वह सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठतम जज होता है. यानी चीफ जस्टिस के बाद दूसरे नंबर का जज. लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि ऐसा ही किया जाए. अगर किसी वजह से वरिष्ठतम जज के इस पद के लिए सक्षम होने में संदेह हो, तो चीफ जस्टिस अपने सहयोगी जजों से चर्चा कर तय करते हैं कि किसका नाम नए चीफ जस्टिस के पद के लिए भेजा जाए.

चीफ जस्टिस के पास से भेजी गई सिफारिश को कानून मंत्री प्रधानमंत्री के पास रखते हैं. प्रधानमंत्री की सहमति के बाद सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेज दी जाती है. वहां से नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी हो जाती है.

नियुक्ति की तारीख और कार्यकाल

जैसा कि लेख के पिछले हिस्से में बताया गया कि आमतौर पर चीफ जस्टिस के बाद के दूसरे वरिष्ठतम जज ही अगले चीफ जस्टिस नियुक्त होते हैं. इसी के आधार पर किसी चीफ जस्टिस की नियुक्ति की तारीख और उनके कार्यकाल का आकलन लगाया जा सकता है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के जज के रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष होती है. ऐसे में यह तय होता है कि वर्तमान चीफ जस्टिस कब रिटायर होंगे.

जिस दिन चीफ जस्टिस रिटायर होते हैं, उसके अगले दिन नए चीफ जस्टिस पदभार ग्रहण कर लेते हैं. अब अगर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठम जज की उम्र उस समय 63 वर्ष 10 महीना 5 दिन है, तो यह तय हो जाता है कि उनका कार्यकाल 1 वर्ष 1 महीना 25 दिन का होगा. यह आकलन बिल्कुल सटीक होता है क्योंकि यह तय है कि चीफ जस्टिस बनने जा रहे जज को भी 65 वर्ष की आयु पूरी होते ही रिटायर हो जाना है.

आने वाले समय के चीफ जस्टिस

अभी जस्टिस एन वी रमना मुख्य न्यायाधीश हैं. वह 26 अगस्त 2022 तक इस पद पर रहेंगे. अगर सब कुछ सामान्य रूप से चला तो उनके बाद जस्टिस उदय उमेश ललित चीफ जस्टिस बनेंगे. 9 नवंबर 2022 को जस्टिस ललित 65 वर्ष के हो जाएंगे. इस हिसाब से वह 8 नवंबर, 2022 तक चीफ जस्टिस के पद पर रहेंगे. यह सामान्य बात है कि कई जज वरिष्ठता क्रम में दूसरे, तीसरे, चौथे या उससे भी आगे क्रम में रहते हुए रिटायर हो जाते हैं. ऐसा तब होता है जब चीफ जस्टिस के पद पर आसीन जज की आयु उन जजों से कम होती है. इसलिए, वह चीफ जस्टिस से पहले ही रिटायर हो जाते हैं.

अब वरिष्ठता क्रम में नंबर और चीफ जस्टिस बनने के समय उम्र के हिसाब से आने वाले समय के मुख्य न्यायाधीशों के नाम देख लेते हैं. हालांकि, यहां एक बार फिर स्पष्ट करना ज़रूरी है कि यह सभी जज इसी क्रम में और इसी अवधि के लिए चीफ जस्टिस तभी बनेंगे जब सब कुछ सामान्य तरीके से हो. यानी हर चीफ जस्टिस अपना कार्यकाल पूरा करे, रिटायर होने से पहले वरिष्ठतम जज की सिफारिश ही भेजे और सरकार भी उसे स्वीकार करे. इन सभी शर्तों के पूरा होने की स्थिति में भविष्य के चीफ जस्टिस के नाम यह हैं :-

– जस्टिस यु यु ललित (27 अगस्त 2022 से 8 नवंबर 2022)
– जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (9 नवंबर 2022 से 10 नवंबर 2024)
– जस्टिस संजीव खन्ना (11 नवंबर 2024 से 13 मई 2025)
– जस्टिस बी आर गवई (14 मई 2025 से 23 नवंबर 2025)
– जस्टिस सूर्य कांत (24 नवंबर 2025 से 9 फरवरी 2027)

आज नियुक्त हो रहे 9 जजों में से 3 जज भी मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं. उनके नाम हैं :-

– जस्टिस विक्रम नाथ (10 फरवरी 2027 से 23 सितंबर 2027)
– जस्टिस बी वी नागरत्ना (24 सितंबर 2027 से 29 अक्टूबर 2027)
– जस्टिस पी एस नरसिम्हा (30 अक्टूबर 2027 से 2 मई 2028)

24 सितंबर 2027 को अगर जस्टिस बंगलोर वेंकटरमैया नागरत्ना यानी बी वी नागरत्ना मुख्य न्यायाधीश बनती हैं, तो वह इस पद पर आसीन होने वाली पहली महिला होंगी. हालांकि, उनका कार्यकाल सिर्फ 36 दिन का ही होगा. पामीदिगंतम श्री नरसिम्हा यानी पी एस नरसिम्हा वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनने वाले 9वें व्यक्ति हैं. इस तरह सुप्रीम कोर्ट जज बनने के बाद चीफ जस्टिस के पद तक पहुंचने वाले वह तीसरे व्यक्ति होंगे. उनसे पहले 70 के दशक में जस्टिस एस एम सीकरी (जनवरी 1971 से अप्रैल 1973) इस पद पर रहे. अगले साल चीफ जस्टिस बनने जा रहे जस्टिस उदय उमेश ललित भी सीधे वकील से सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त हुए थे.

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