परवेज रसूल पर JKCA ने लगाया पिच रोलर चोरी करने का आरोप, क्रिकेटर ने दिया जवाब

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नई दिल्ली. एक लापता क्रिकेट रोलर ने भारतीय क्रिकेटर परवेज रसूल (Parvez Rasool) को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के साथ एक अजीब ही लड़ाई में खड़ा कर दिया है. जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन ने रसूल को जारी किया नोटिस है और उनसे कहा है कि वह क्रिकेट रोलर को वापस करें या पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार रहें. अपने जवाब में रसूल ने कभी भी रोलर लेने से इनकार किया है. इसके साथ ही उन्होंने प्रशासकों से पूछा है, “क्या यह एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के साथ व्यवहार करने का तरीका है, जिसने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को जीवन और आत्मा दी है?”

यह मामला इस हद तक बढ़ गया है कि जेकेसीए चलाने के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय उप-समिति में शामिल भाजपा प्रवक्ता ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) अनिल गुप्ता ने एक ईमेल में लिखा है: ”क्या हमारे पास कोई सबूत है, जो हम उनपर इल्जाम लगा रहे हैं.” गुप्ता के ईमेल पर रसूल को अन्य प्रशासकों के साथ चिह्नित किया गया था. अनिल गुप्ता ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि मामले को “हाइप” किया जा रहा था और यह मेल रसूल को इसलिए लिखा गया था, क्योंकि सभी जिला संघों के डाक पते उपलब्ध नहीं थे और रसूल का नाम उसके जिले के जेकेसीए रजिस्टर में था.
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परवेज रसूल अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के रहने वाले हैं. जेकेसीए ने पहले बिजबेहरा के मोहम्मद शफी को नोटिस भेजा और फिर रसूल को दूसरा नोटिस. गुप्ता ने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि रजिस्टर में उनके रिकॉर्ड में रसूल का नाम था. गुप्ता ने आगे कहा कि हमने न केवल परवेज रसूल को बल्कि सभी जिला संघों को और श्रीनगर से जेकेसीए मशीनरी लेने वाले को भी लिखा है. हमने ऐसा इसलिए किया क्योंकि हम एक ऑडिट रिपोर्ट तैयार करना चाहते हैं, खाता बही को बनाए रखने की जरूरत है. वर्षों से यहां शायद ही कोई किताब रखी गई हो. इसलिए कोर्ट के आदेश के बाद जब हमने कार्यभार संभाला तो देखा कि ये मशीनरी नहीं मिल रही है.”

उप-समिति जून में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा एक आदेश पारित करने के बाद अस्तित्व में आई कि बीसीसीआई को जेकेसीए क्रिकेट चलाना चाहिए. भाजपा के दो प्रवक्ता अनिल गुप्ता और अधिवक्ता सुनील सेठी को क्रिकेटर मिथुन मन्हास के साथ पैनल में नियुक्त किया गया था. इसके अतिरिक्त श्रीनगर में क्रिकेट के विकास को देखने और उप-समिति को रिपोर्ट करने के लिए माजिद डार को नियुक्त किया गया था. “समिति सदस्य जेकेसीए” द्वारा हस्ताक्षरित रसूल को ईमेल में संभावित पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी.

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अनिल गुप्ता के मुताबिक, पुलिस की धमकी दूसरे नोटिस में थी, क्योंकि कुछ जिलों को लगता है कि वे कुछ भी कर सकते हैं और उन्हें कुछ नहीं होगा. परवेज रसूल ने 26 जुलाई को अपने जवाब में लिखा, ”आपको सूचित किया जाता है कि मैं परवेज रसूल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया है और आईपीएल, दलीप ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी, भारत ए, बोर्ड अध्यक्ष इलेवन, ईरानी ट्रॉफी में भी खेला है, पिछले 6 वर्षों से जम्मू-कश्मीर रणजी टीम की कप्तानी की है और इकलौते क्रिकेटर हैं, जम्मू-कश्मीर से जिसे दो बार बीसीसीआई से सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का पुरस्कार मिला. आज मुझे एक पत्र मिला है जिसमें कहा गया है कि मैंने जेकेसीए से रोलर लिया है जो वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है… मैं स्पष्ट कर दूं कि मैंने जेकेसीए से कोई रोलर या मशीन नहीं ली है. मैं एक खिलाड़ी हूं, जो क्रिकेट खेल रहा है. मैं सिर्फ यह पूछना चाहता हूं कि क्या यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के साथ व्यवहार करने का तरीका है, जिसने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को जीवन और आत्मा दी है. आपके पास सभी जिलों में एक संबद्ध निकाय है; यदि आप मेरे बजाय उनके जिलों में मौजूद हैं तो आपको उनसे कोई जेकेसीए उपकरण मांगना चाहिए.”

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