Facebook सुरक्षा को लेकर हुआ गंभीर, नए साल से ऐड होंगे ये नए Security फीचर्स

0
44


दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook नए साल में अपने प्लेटफॉर्म पर कई एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जोड़ने जा रहा है.

दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook नए साल में अपने प्लेटफॉर्म पर कई एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जोड़ने जा रहा है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 29, 2020, 12:33 PM IST

नई दिल्ली. दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook सिक्योरिटी को लेकर और भी ज्यादा गंभीर हो गया है. नए साल में फेसबुक अपने प्लेटफॉर्म पर कई एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जोड़ने जा रहा है. फेसबुक ने कहा कि वह यूजर्स को अगले साल से शुरू होने वाले सोशल नेटवर्क के मोबाइल ऐप में लॉग इन करने से पहले उनकी पहचान को वैरिफाई करने के लिए फिजिकल सिक्योरिटी की का ऑप्शन देगा. फिलहाल डेस्कटॉप में हर लॉग इन से पहले कनेक्ट करने के लिए ‘हार्डवेयर सिक्योरिटी की’ की जरूरत होती है.

एक्सियोस साइट ने अपनी रिपोर्ट में कहा- फेसबुक ने कहा है कि यूजर्स रिटेलर से एक हार्डवेयर-की खरीद सकते हैं, और इसे फेसबुक के साथ रजिस्टर्ड कर सकते हैं. नई सिक्योरिटी सर्विसेस को जुलाई में रोलआउट किया जाएगा.

ये भी पढ़ें : WhatsApp पर यदि किसी ने किया है ब्लॉक, तो इन ट्रिक्स से करें पता

फेसबुक मोबाइल ऐप के लिए फिजिकल सिक्योरिटी की कैसे करें सेट?यूजर्स को अपने फेसबुक अकाउंट में इस फीचर को ऐड करने के लिए टू स्टेप ऑथेंटिकेशन की जरुरत पड़ेगी. जिसे यूजर टेक्स मैसेज के द्वारा या थर्द पार्टी ऑथेंटिकेशन से पूरा कर सकते हैं. इसके बाद उन्हें एक हार्डवेयर डिवाइस खरीदना होगा जिसमें यूनिवर्सल 2 फैक्टर (U2F) सपोर्ट होगा, जिसे उन्हें फेसबुक वेरिफिकेशन के रूप में जोड़ना होगा. ये प्रोसेस एक बार पूरा हो जाने के बाद, यूजर को अपने अकाउंट में लॉगिन करने के लिए इस फिजिकल सिक्योरिटी की को प्लग इन करना होगा.

ये भी पढ़ें : Facebook की किसी भी वीडियो को एंड्रॉयड फोन में आसानी से करें डाउनलोड, यहां जानें तरीका

वर्तमान में अमेरिका में उपलब्ध
वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में उपलब्ध है, फेसबुक प्रोटेक्ट राजनेताओं, सरकारी एजेंसियों और चुनाव कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधानों को स्थापित करने का एक तरीका प्रदान करता है, जैसे कि टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और संभावित हैकिंग खतरों के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रदान करता है. फेसबुक ने आगे बताया कि यह अब पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं जैसे यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा जिन्हें हैकर्स द्वारा टार्गेट किए जाने का अधिक खतरा है.








Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here