Kavishala Conclave 2020 में बोले अनूप सोनी, कलाकार सबसे सॉफ्ट टारगेट होते हैं…

0
17


अनूप सोनी ने कविशाला द्वारा आयोजि‍त कॉन्‍क्‍लेव में अपनी बात रखी.

‘क्राइम पेट्रोल’ (Crime Petrol) के होस्‍ट और एक्‍टर अनूप सोनी (Anup Soni) ने कविशाला द्वारा आयोजि‍त कॉन्‍क्‍लेव (Kavishala Conclave 2020) में अपनी बात रखी. अनूप ने यहां साहित्‍य का स‍िनेमा पर प्रभाव विषय पर बात की.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 28, 2020, 5:45 PM IST

नई दिल्‍ली. ‘स‍िनेमा के लोग चाहे वो एक्‍टर हो, न‍िर्देशक या कोई कलाकार, ये हमेशा सॉफ्ट टारगेट होते हैं. इन्‍हें कुछ भी बोल दो, कोई कुछ नहीं कहेगा.’ ये कहना है ये कहना है ‘क्राइम पेट्रोल’ (Crime Petrol) के होस्‍ट और एक्‍टर अनूप सोनी (Anup Soni) का जो हाल ही में कविशाला द्वारा आयोजि‍त कॉन्‍क्‍लेव (Kavishala Conclave 2020) में अपनी बात रख रहे थे. एक्‍टरों की होने वाली ट्रोल‍िंग से स‍िनेमाई प्रयोगों में भारतीय स‍िनेमा के पिछड़ने तक, अनूप सोनी ने कई व‍िषयों पर अपनी बात रखी.

कविशाला, कविताओं का एक बड़ा मंच है जो हर भाषा की कविताओं को लोगों तक पहुंचाने का काम करता है. कविशाला का ये कॉन्‍क्‍लेव 23 से 27 द‍िसंबर तक डिज‍िटली आयोज‍ित किया जा रहा है. सार्वजनिक राय से अलग राय रखने पर कलाकारों की होती ट्रोल‍िंग पर अनूप सोनी ने कहा, ‘कलाकारों को कुछ बोलने में क‍िसी को डर नहीं लगता. उनको आप भांड-म‍िरासी भी बोल देते हैं, नचनिया भी बोल देते हैं, नोटंकी भी कह देते हैं.. लेकिन आप उन्‍हीं को आप चाहते भी हैं. ये बड़ा सॉफ्ट टारगेट रहे हैं. ये हमारे यहां हमेशा से ही दोहरे मापदंड रहे हैं.’

उन्‍होंने आगे कहा, ‘पब्लिक फिगर होने के नाते हमारे पास खोने के लिए कुछ है, लेकिन ट्रोल के पास खोने के लिए क्‍या है. लेकिन आप ये मानकर चल‍िए क‍ि जो आपको ट्रोल कर रहे हैं वो इस दुनिया के सबसे डरपोक और सेल्‍फ-कॉम्‍पलेक्‍स्‍ड लोग हैं. मुझे लगता है कि कोई भी व्‍यक्ति ज‍िसको अपनी कला से अपनी व‍िधा पर गर्व होगा वो कभी भी गाली-गलोच कर आपको ट्रोल नहीं करेगा.

वहीं हिंदी स‍िनेमा में साहित्‍य के इस्‍तेमाल और उसकी कमी पर उन्‍होंने कहा क‍ि दरअसल ये सारी चीजें ब‍िजनेस से जुड़ी हुई हैं और इसे उस तरीके से भी देखना चाहिए. जब आप एक बड़ी फिल्‍म बनाते हैं ज‍िसमें पैसा लगा होता है तो आप फिर र‍िटर्न में मुनाफा भी चाहते हैं. ऐसे में सारी बात व्‍यवसाय पर आ जाती है. लेकिन पिछले कुछ सालों में काफी अच्‍छा स‍िनेमा बना है जो नया है. मुझे लगता है कि जब तक हमारे देश में श‍िक्षा का स्‍तर नहीं बढ़ेगा, लोग स‍िनेमा की समझ रखेंगे तभी साहित्‍य के जुड़ाव वाली फिल्‍में और बनेंगी.’

अनूप सोनी ने इस कॉन्‍क्‍लेव में हिंदी के जाने माने कवि नागर्जुन की कविता, ‘काल‍िदास’ भी पढ़कर सुनाई.








Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here