हाल ही में मां बनी हैं तो अपनी डाइट में शामिल करें अंडा, दूध और नट्स, जानें क्यों

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मां (Mother) बनना दुनिया का सबसे बड़ा सुख माना जाता है. हालांकि, इस सुख के साथ कई चुनौतियां भी सामने आती हैं. जिस तरह गर्भावस्था के दौरान खानपान (Diet) का विशेष ख्याल रखा जाता है, उसी तरह बच्चे के जन्म के बाद भी स्वस्थ आहार जरूरी है. myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहा है कि स्तनपान कराने वाली मांओं के लिए बेहद जरूरी है कि बच्चे को उचित वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्व मिलें.

ओटमील

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि ओटमील यानी जई के दलिया में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का सही मिश्रण होता है. साथ ही फाइबर से भरे हुए होते हैं, यह पेट को भरा हुआ महसूस कराएगा और संतुष्ट रखेगा. यदि स्तनपान कर रही हैं तो ओट्स मां का दूध बढ़ाने में भी मदद करेगा. यह उन मांओं के लिए भी काफी उपयोगी है, जिन्हें डिलीवरी के बाद कब्ज की शिकायत है. इसमें आयरन कंटेन्ट ज्यादा होने से नई मांओं को एनीमिया से बचाता है.अंडा

अंडे में बहुत सारे पोषक तत्व और विटामिन होते हैं जो रिकवरी में मदद करते हैं. रोजाना एक से दो अंडे का सेवन करें. इन्हें आमलेट के रूप में या उबालकर, तलकर भी ले सकती हैं. इसके सेवन से मां और बच्चे दोनों की हड्डियां मजबूत होंगी.

नट्स

काजू, बादाम और अखरोट जैसे नट्स पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं. वे प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम,  जिंक, और विटामिन के, बी और ई से भरपूर होते हैं. ये सभी शरीर की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं. नट्स प्रकृति में लैक्टोजेनिक होते हैं, जिसका मतलब है कि वे दूध उत्पादन को बढ़ावा देते हैं.

पत्तेदार सब्जियां

ब्रोकली, पालक जैसी पत्तेदार सब्जियां केवल कुछ कैलोरी की कीमत पर बहुत सारे पोषक तत्व प्रदान करते हैं, जिससे वे स्वस्थ और वजन के अनुकूल विकल्प भी हैं. इनमें कैल्शियम और आयरन होता है, जो न केवल मां के लिए बल्कि स्तन के दूध के लिए भी अच्छा है. ये सब्जियां विटामिन और खनिजों से भी भरपूर होती हैं, जिनमें हृदय को स्वस्थ रखने वाले एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.

फल

फलों में अच्छी बात यह है कि वे मीठे होते हैं और इनमें प्राकृतिक शर्करा होती है. सेब और केले जैसे फल फाइबर से भरे होते हैं जो मल त्याग और पाचन को नियंत्रित करते हैं. संतरे और कीवी जैसे अन्य फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं. विटामिन सी स्तन के दूध की आपूर्ति को बढ़ाता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट का स्तर बढ़ाता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी फल माइक्रोन्यूट्रिएंट से भरे होते हैं जो मां के शरीर को मजबूत बनाने और मरम्मत करने में मदद करते हैं.

मेथी

मेथी पाचन की समस्याओं जैसे कब्ज, पेट फूलने की समस्या को कम करने में मदद करती है. इसमें फायटोएस्ट्रेजन्ल होते हैं जो स्तन के दूध के उत्पादन को बढ़ाते हैं। रात भर एक चम्मच मेथी के बीज को पानी के एक कप में भिगोकर रखें और अगली सुबह कुछ मिनट के लिए पानी के साथ-साथ बीज भी उबालें और छानकर पी लें।

दूध

दूध कैल्शियम की भरपाई करता है जो कि स्तनपान के जरिए खो जाता है. यह शरीर में पानी की मात्रा भी बनाए रखने में मदद करता है.

सैल्मन

एक प्रकार की मछली सैल्मन प्रोटीन और विटामिन बी-12 में उच्च है. इसमें एक ऐसी उच्च वसा है जो नवजात शिशु के तंत्रिका तंत्र के विकास में मदद करती है. इसका सेवन पोस्टपार्टम डिप्रेशन (डिलीवरी के बाद डिप्रेशन यानी अवसाद) को रोकने में मदद करता है. सप्ताह में दो बार इसे आहार में शामिल करें. अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, बच्चे को कराती हैं स्तनपान तो कैसा होना चाहिए आपका खानपान, जानें पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.





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