World Sight Day 2020: 5 पोषक तत्व जो आंखों की सेहत के लिए हैं बहुत जरूरी

0
24


मनुष्य की पांच इंद्रियों में से एक आंख (Eyes) सबसे महत्वपूर्ण है. आंखों के जरिए व्यक्ति जीवन का अनुभव कर पाता है. आंखों की समस्याएं उम्र बढ़ने या आंखों में होने वाले खिंचाव या तनाव (Stress) का परिणाम है. वहीं इसका व्यक्ति के जीवनशैली (Lifestyle) के साथ बहुत करीब का नाता है. एक स्वस्थ जीवन शैली आंखों की समस्याओं के जोखिम को कम कर सकती है. कुछ पोषक तत्व आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. वे हानिकारक प्रकाश से आंखों की रक्षा करेंगे और उम्र से जुड़े रोग बढ़ने से रोकने में मदद करेंगे. 8 अक्टूबर को दुनियाभर में वर्ल्ड साइट डे (World Sight Day 2020) मनाया जाता है. ऐसे 5 पोषक तत्वों के बारे में बताया है जो कि आंखों की सेहत को बनाए रखने और नुकसान से बचाने के लिए जरूरी हैं.

विटामिन ई : myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि विटामिन ई की कमी से आंखों में धुंधलापन, अंधापन या मोतियाबिंद हो सकता है. आंखों को नुकसान से बचाने के लिए विटामिन ई से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना महत्वपूर्ण है. बादाम, अखरोट, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, अलसी का तेल, पालक, ब्रोकली, झींगा और जैतून का तेल विटामिन ई के कुछ शानदार स्रोत हैं.

विटामिन सी : विटामिन सी एक एंटीऑक्सिडेंट है जो आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है. पर्याप्त विटामिन सी का सेवन मोतियाबिंद से बचा सकता है. विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में ब्रोकली, स्प्राउट्स, काली मिर्च, पत्तेदार हरी सब्जियां, खट्टे फल और अमरूद शामिल हैं.ओमेगा-3 फैटी एसिड : myUpchar से जुड़े डॉ. आयुष पांडे का कहना है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड होने से वयस्कों को मैक्यूलर डीजनरेशन और ड्राई आई सिंड्रोम से बचाने में मदद मिल सकती है. मैक्यूलर डीजनरेशन आंखों की समस्याओं में से एक है, जिसमें व्यक्ति को धुंधला दिखाई देता है या दिखना कम हो जाता है. वहीं ड्राय आई सिंड्रोम यानी आंखों में सूखापन एक ऐसी स्थिती है, जिसमें किसी व्यक्ति की आंखों में पर्याप्त गुणवत्ता वाले आंसू नहीं बन पाते और उस वजह से आंखों की चिकनाहट चली जाती है. मछली, टूना, नट और बीज, पौधे के तेल जैसे अलसी के तेल, कैनोला तेल, आदि में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं.

विटामिन ए : विटामिन ए वसा में घुलनशील विटामिन है जो कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है. ये प्रोविटामिन से मिलता है और आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. विटामिन ए को रेटिनोल भी कहते हैं, क्योंकि ये आंखों में रेटिना बनाने वाले पिगमेंट के निर्माण में मदद करता है. अंधेपन का सबसे सामान्य और बड़ा कारण विटामिन ए की कमी है. यह गाजर, चुकंदर, शलजम, शकरकंद, मटर, टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जियां, आम, तरबूज, पपीता, पनीर, राजमा, बींस, अंडा आदि में पाया जाता है.

जिंक : जिंक आंखों में मौजूद एक और बहुत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. यह मेलानिन के उत्पादन में मदद करता है जो कि आंखों का एक पिगमेंट है. जिंक की कमी से रतौंधी हो सकती है. रेड मीट और पोल्ट्री जिंक के कुछ बेहतरीन स्रोत हैं. जिंक के प्राकृतिक और अच्छे स्त्रोत मूंगफली, लहसुन, तिल, फलियां, राजमा, दालें, सोयाबीन, अलसी, बादाम, मटर, गेहूं, अंडे की जर्दी हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, कंजेक्टिवाइटिस क्या है, इसके प्रकार, कारण, लक्षण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here