कोरोना के बीच IPL पर करोड़ों खर्च करने वाली BCCI घरेलू स्तर पर बचा रही है पैसे, 11 कोच की कर दी छुट्टी

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बीसीसीआई ने लिया बड़ा फैसला

बीसीसीआई (BCCI) ने एनसीए (NCA) के जिन कोचेज को हटाया गया है उनमें पांच पूर्व भारतीय खिलाड़ी भी शामिल हैं

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 23, 2020, 8:02 AM IST

नई दिल्ली. दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई (BCCI). दुनिया भर में फैली कोरोना वायरस की महामारी के बावजूद बीसीसीआई (BCCI) यूएई में अपनी टी20 लीग आईपीएल (IPL) का आयोजन कराने में सफल रही है. हालांकि खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए काफी पुख्ता इंतजामों के साथ बायो सेक्यूर बबल तैयार किया गया है. इन सब पर बीसीसीआई ने काफी पैसा खर्च किया है. जहां आईपीएल (IPL) पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं वहीं भारत में घरेलू स्तर पर बीसीसीआई कॉस्ट कटिंग के मूड में है. खर्च में कटौती के लिए ही उन्होंने एनसीए में 11 कोच के कॉन्ट्रैक्ट न बढ़ाने का फैसला किया है.

एनसीए के कोच हुए बेरोजगार
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक कोरोना के बाद बीसीसीआई ने पहली बार कटौती को लेकर बड़ा कदम उठाया है. एनसीए के 11 कोच का सलाना कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाया गया है और इन लोगों में पांच रिटायर्ड भारत खिलाड़ी रमेश पवार, एसएस दास, ऋषिकेश कानितकर, सुब्रतो बनर्जी और सुजीत सोमसुंदर शामिल हैं. एनसीए के हेड कोच का पद संभाल चुके राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने सभी को इसकी जानकारी पिछले हफ्ते दे दी थी. इन सभी की सैलरी मिलाकर बीसीसीआई पर 30-55 लाख रुपए का खर्च आता था.

पहले से नहीं थी कोचेज को जानकारीकुछ कोच ने बताया कि उन्हें इस बारे में पहले से नहीं बताया गया और न ही इसका सही कारण बताया गया. उन्होंने कहा, ‘हमें दो दिन पहले राहुल द्रविड़ का फोन आया जिन्होंने बताया कि बीसीसीआई ने हमारा कॉन्ट्रैक्ट न बढ़ाने का फैसला किया है. पिछले तीन महीने से हम वेबिनार अटैंड कर रहे हैं आगे की चीजों के लिए प्लान कर रहे हैं और इस बीच हमें अचानक कह दिया गया कि अब हमारी जरूरत नहीं है.’

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कोरोना वायरस के कारण मार्च के महीने से एनसीए पूरी तरह बंद है. पिछले महीने बीसीसीआई के सालाना कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ी अभ्यास के लिए एनसीए पहुंचे थे. साल 2019 में राहुल द्रविड़ के कहने पर सीओए ने नए कोचेज को एनसीए से जोड़ा था ताकी पहले से काम कर रहे कोचेज का भार कम किया जा सके.





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