अपेंडेक्टॉमी: भयावह दर्द वाली एक आम बीमारी का ऑपरेशन, बरतें ये सावधानी

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पाचन अच्छे से हो इसलिए अनाज, बीन्स, हरी सब्जियां, ग्रेन ब्रेड खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है. ऑपरेशन के बाद 8 दिन तक तरल पदार्थ खाना भी लाभदायक होता है.

अपेंडिक्स (Appendix) एक पतली और छोटी-सी ट्यूब होती है जिसकी लंबाई 2 से 3 इंच होती है. बड़ी आंत (Large Intestine) में जहां पर मल बनता है, वहां पर ये आंत जुड़ी होती है. कभी-कभी अपेडिंक्स में संक्रमण (Infection) हो जाता है, जिससे यह सूज जाती है.



  • Last Updated:
    September 23, 2020, 7:22 AM IST

अपेंडेक्टॉमी (Appendectomy) एक तरह का ऑपरेशन (Operation) होता है, जिसके जरिए अपेंडिक्स (Appendix) को निकाला जाता है. myUpchar के अनुसार, अपेंडिक्स एक पतली और छोटी-सी ट्यूब होती है जिसकी लंबाई 2 से 3 इंच होती है. बड़ी आंत में जहां पर मल बनता है, वहां पर ये आंत जुड़ी होती है. कभी-कभी अपेडिंक्स में संक्रमण हो जाता है, जिससे यह सूज जाती है. इस कारण मरीज को पेट के निचले हिस्से में दाहिने तरह भयावह दर्द होना, बुखार आना, भूख कम लगना या उल्टी होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. यदि अपेंडिक्स पेट के अंदर फूट जाए तो बीमारी ज्यादा बढ़ सकती है. अपेंडिक्स के दर्द से छुटकारा पाने के लिए ही अपेंडेक्टॉमी ऑपरेशन किया जाता है.

दो तरह से होती है अपेंडेक्टॉमी

खुली अपेंडेक्टॉमी :  myUpchar से जुड़े डॉ. आयुष पाण्डेय के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान पेट में एक चीरा लगाया जाता है, जिसके जरिए डॉक्टर अपेडिंक्स को बाहर निकालकर बाद में पेट में टांके लगाकर सिलाई कर देते हैं.लैप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी : इस प्रक्रिया के दौरान पेट में 3 या 4 छोटे चीरे लगाए जाते हैं. उसके बाद अपेंडिक्स को बाहर निकालने के लिए डॉक्टर कैमरा और औजार डालकर ऑपरेशन करते हैं. इस तकनीक से ऑपरेशन करने पर मरीज का स्वास्थ्य तेजी से ठीक होता है और दर्द भी पहले वाली तकनीक की तुलना में कम होता है. साथ ही पेट में टांके आदि के निशान भी नहीं रहते हैं और अस्पताल में कम समय बिताना पड़ता है.

अपेंडेक्टॉमी के पहले और बाद में ये रखें सावधानी

यदि पहले से कोई दवाई या जड़ी-बूटी ले रहे हैं तो अपेंडेक्टॉमी ऑपरेशन के पहले डॉक्टर को जरूर बता देना चाहिए. इसके अलावा ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में भी डॉक्टर को बता देना चाहिए, जिन्हें खाने से एलर्जी रहती है. इससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी हो जाती है. अपेंडेक्टॉमी ऑपरेशन होने से पहले कुछ खाकर बिल्कुल न जाएं. वहीं ऑपरेशन के दौरान पेट भी साफ किया जाता है.

घाव को भूलकर भी पानी न लगने दें

अपेंडेक्टॉमी ऑपरेशन के बाद ईसीजी, बीपी आदि का चेकअप किया जाता है, ताकि शरीर में कुछ परिवर्तन हो रहे हों तो तत्काल उसका पता चल सके. जब तक घाव सूख नहीं जाता है, तब तक खान-पान में भी विशेष परहेज करना होता है. ऑपरेशन होने के एक सप्ताह बाद तक स्नान नहीं करना चाहिए. घाव पर पानी बिल्कुल भी न लगने दें. जब घाव सूखने लगे, इसके बाद ही शॉवर लें या स्नान करें.

ऑपरेशन के बाद इन बातों का रखना ध्यान

  • ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों के लिए शौचालय जाने में परेशानी हो सकती है. इस परिस्थिति में नियमित थोड़ा पैदल जरूर चलना चाहिए, ताकि पेट की मांसपेशियां भी लचीली बनी रहें और पाचन तंत्र सुचारु रूप से काम करे.
  • पाचन अच्छे से हो इसलिए अनाज, बीन्स, हरी सब्जियां, ग्रेन ब्रेड खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है. ऑपरेशन के बाद 8 दिन तक तरल पदार्थ खाना भी लाभदायक होता है.
  • अपेंडेक्टॉमी ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों को फेफड़ों में संक्रमण की आशंका रहती है. ऐसे में गहरी सांस लेने या खांसने वाले व्यायाम जरूर करने चाहिए. इस दौरान प्राणायाम करना भी फायदेमंद होता है.
  • जब तक पूरी तरह से स्वस्थ न हो जाएं, तब तक भारी वस्तुएं भी नहीं उठानी चाहिए. अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, अपेंडिक्स का ऑपरेशन क्या होता है, क्यों किया जाता है, कैसे होता है और इसके बाद देखभाल पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।





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