जब बैटिंग में फेल हुए सौरव गांगुली, तब गेंद के जरिए पाकिस्तान को दिखाई ‘दादागीरी’

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नई दिल्ली: 1990 के दशक में टीम इंडिया की इमेज ‘घर में शेर और बाहर मेमने’ की थी. दरअसल टीम घरेलू जमीन पर तो शानदार खेल का प्रदर्शन करती थी, लेकिन विदेश के तेज और बाउंसी विकेट पर आसानी से हथियार डाल देती थी. भारतीय टीम को इस इमेज से बाहर निकालने में ‘दादा’ सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का अहम योगदान रहा है.

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आज से ठीक 23 साल पहले भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने वनडे क्रिकेट में भारत को अपने बल्ले की मदद से नहीं बल्कि अपनी गेंदबाजी के दम पर जीत दिलाई थी. साल 1997 में टोरंटो में भारत और पाकिस्तान के बीच 5 मौचों की वनडे सीरीज खेली गई थी. 18 सितंबर को सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला गया था. 

मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी की थी और महज 182 रन ही बना सकी. ऐसे में पाकिस्तान (Pakistan) के लिए यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं था. लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 103 रन बना लिए थे और यहां से पाकिस्तान को साफ अपनी जीत नजर आ रही थी.

इसके बाद जो हुआ वो इतिहास बन गया. भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) ने गांगुली को पार्ट टाइम गेंदबाज समझ कर गेंद थमाई लेकिन ‘दादा’ ने मैच का रुख ही पलट दिया. उन्होंने अपनी गेंदबाजी से कहर बरपाया और 10 ओवर में महज 16 रन देकर 5 विकेट हासिल किए. इस मुकाबले में भारत ने 34 रनों से जीत हासिल की थी

इसके साथ ही सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त भी हासिल की थी. बता दे कि इसके बाद गांगुली ने 11 दिसंबर 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ कानपुर वनडे में 5 विकेट चटकाए थे. उस मैच मे गांगुली ने 10 ओवर में 34 रन खर्च किए और 5 विकेट हॉल लेने का कारनामा कर दिखाया था.

इस सीरीज में उनके नाम ऐसा रिकॉर्ड है जिसे 23 साल में कोई भी खिलाड़ी नहीं तोड़ पाया. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और लगातार 4 ‘मैन ऑफ द मैच’ बनने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया. भारत के महान कप्तान के तौर पर याद किए जाने वाले गांगुली ने अपने करियर में 16 टेस्ट शतक और 22 वनडे शतक जड़े है.

अपने दौर में गांगुली और सचिन की जोड़ी वनडे की सबसे भरोसेमंद ओपनिंग जो़ड़ी मानी जाती थी. भले ही गांगुली एक बल्लेबाज और कप्तान के तौर पर याद किए जाते हैं लेकिन उन्होंने अपने करियर में 132 इंटरनेशनल विकेट भी चटकाए हैं टेस्ट में उनके नाम 32 विकेट, तो वहीं वनडे में 100 विकेट दर्ज है.





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