इस पाक बल्लेबाज ने जब लिया था वेंकटेश प्रसाद से पंगा, जानें फिर क्या हुआ

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नई दिल्ली. पाकिस्तान के लिए ही नहीं यदि ये सभी देशों के लिए खेले खब्बू सलामी बल्लेबाजों की बात की जाए तो आमिर सोहेल (Aamer Sohail) का नाम जरूर लिया जाएगा. आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे सोहेल के 47 टेस्ट में 2823 रन और 156 वनडे मैच में 4780 रन भले ही उन्हें एक औसत क्रिकेटर दिखाते हों, लेकिन विशेषज्ञों ने हमेशा यही कहा कि सोहेल ने अपनी पूरी प्रतिभा का उपयोग नहीं किया.

इस प्रतिभा का नजारा सोहेल ने अपने महज चौथे टेस्ट मैच में ही 205 रन की पारी खेलकर दिखा दिया था. लेकिन आमिर सोहेल की सबसे ज्यादा चर्चा हमेशा 1996 वर्ल्ड कप के अंतिम-8 मैच में भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद (Venkatesh Prasad) के साथ भिड़ंत के लिए ही होती है. आज भी विशेषज्ञ बंगलूरू में खेले गए उस क्वार्टर फाइनल मैच में पाकिस्तान की हार के लिए सोहेल के होश खोने को ही जिम्मेदार मानते हैं.

दिला दिया था प्रसाद को गलत इशारा करते हुए जोश
दरअसल चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 287 रन ठोक दिए थे. जवाब में उतरे पाकिस्तान के लिए सोहेल और सईद अनवर (Saeed Anwar) की जोड़ी ने 10 ओवर में ही 84 रन ठोक दिए थे. रन ऐसा लग रहा था कि बाढ़ के पानी की तरह बह रहे थे. इस स्कोर पर अनवर तो आउट हो गए,लेकिन सोहेल का बल्ला रन उगलता रहा. इसी दौरान पारी के 15वां ओवर लेकर वेंकटेश प्रसाद गेंदबाजी करने आए. सोहेल ने उनकी गेंद पर चौका मारने के बाद तीखा इशारा करते हुए कहा कि अगली गेंद भी वहीं मारूंगा. 

गुस्से में आए प्रसाद ने तीन अहम विकेट लेकर जिताया था वो मैच
सोहेल के चैलेंज से प्रसाद को गुस्सा आ गया और उन्होंने सोहेल समेत 3 अहम विकेट चटकाकर मैच अपनी टीम को जिताया था. उस समय पाकिस्तान का स्कोर 1 विकेट पर 113 रन हो चुका था. लेकिन प्रसाद ने अगले 19 रन में सोहेल, एजाज अहमद (Ijaz Ahmed) और इंजमाम उल हक ( Inzamam-ul-Haq) जैसे दिग्गजों को वापस लौटाकर पाकिस्तान की ऐसी कमर तोड़ी की वो आखिर में 9 विकेट पर 248 रन ही बना पाया था. प्रसाद ने 45 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे.

अनवर के साथ बनाई थी भारत के खिलाफ बेहतरीन जोड़ी
आमिर सोहेल ने सईद अनवर के साथ मिलकर भारत के खिलाफ सबसे बेहतरीन प्रदर्शन वाली ओपनिंग जोड़ी बनाई थी. सोहेल जहां आक्रामक बल्लेबाजी करते थे, वहीं अनवर को क्लासिकल टच के लिए जाना जाता था. इस जोड़ी ने भारत के खिलाफ 1991 से 1998 के बीच 21 मैच में 50.14 के बेहतरीन औसत से 1053 रन बनाए थे. दोनों की बेस्ट साझेदारी 144 रन की रही.

विवादों से रहा करीबी नाता
दरअसल सोहेल का करियर बहुत लंबा नहीं होने का एक कारण उनका विवादों से घिरे रहना भी था. वे मुंहफट थे और किसी की भी आलोचना में कोताही नहीं बरतते थे. इसी कारण पाकिस्तानी टीम की कप्तानी भी उन्हें वक्त से पहले ही छोड़नी पड़ी थी. हाल ही में भी सोहेल अपने कई बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं.
 

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